भारत: की प्रमुख विमानन कंपनी Air India से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Campbell Wilson ने इस्तीफा दे दिया है। हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, विल्सन का इस्तीफा कंपनी की बोर्ड मीटिंग में स्वीकार भी कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि वह सितंबर 2026 तक अपने पद पर बने रह सकते हैं, जबकि उनका कार्यकाल पहले जुलाई 2027 तक निर्धारित था।
सूत्रों का कहना है कि कंपनी नए CEO की नियुक्ति अहमदाबाद विमान हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही करेगी। यह रिपोर्ट Aircraft Accident Investigation Bureau द्वारा तैयार की जा रही है, जो जून 2026 तक आने की संभावना है।
एअर इंडिया के लिए 2025 में हुआ अहमदाबाद प्लेन क्रैश एक बड़ा झटका साबित हुआ था। लंदन जा रही फ्लाइट AI-171 टेकऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें 260 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे ने कंपनी की छवि और संचालन दोनों पर गहरा असर डाला।
हालांकि जांच एजेंसी ने 12 जुलाई 2025 को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी कर दी थी, लेकिन अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि उसी रिपोर्ट के आधार पर कंपनी नेतृत्व में बड़े बदलाव हो सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, Tata Group के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने नए CEO की तलाश जनवरी 2026 से ही शुरू कर दी थी। उस समय यह संकेत मिले थे कि विल्सन अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद छोड़ सकते हैं।
कंपनी इस समय संभावित उम्मीदवारों के साथ उच्च स्तर की बातचीत कर रही है और अगले कुछ दिनों में इस संबंध में महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित है।
कैंपबेल विल्सन के पास विमानन क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने 1996 में Singapore Airlines के साथ मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी।
इसके बाद उन्होंने कनाडा, हांगकांग और जापान में विभिन्न भूमिकाओं में काम किया। 2011 में वे Scoot के संस्थापक CEO बने और 2016 तक इस पद पर रहे।
अप्रैल 2020 में उन्होंने दोबारा Scoot का नेतृत्व संभाला और फिर 2022 में Air India के CEO और MD के रूप में नियुक्त हुए, जब एयरलाइन का निजीकरण हुआ और वह टाटा समूह के पास लौटी।
एयर इंडिया इस समय कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी को करीब 20,000 करोड़ रुपये तक के नुकसान का अनुमान है।
इसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में जारी तनाव है, जिससे एयरस्पेस प्रतिबंध लागू हुए हैं। इन प्रतिबंधों के चलते उड़ानों के रूट बदलने पड़े हैं और अतिरिक्त ईंधन लागत बढ़ गई है। इसका सबसे ज्यादा असर लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है।
इसके अलावा, नए विमानों की डिलीवरी में हो रही देरी ने भी कंपनी की विस्तार योजनाओं को प्रभावित किया है। इससे ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने में बाधा आ रही है।
एयर इंडिया में यह संभावित बदलाव ऐसे समय पर सामने आया है जब भारतीय विमानन क्षेत्र में नेतृत्व परिवर्तन का दौर चल रहा है। हाल ही में IndiGo के CEO Pieter Elbers ने भी इस्तीफा दिया था।
एयरलाइन इंडस्ट्री में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, लागत में वृद्धि और ऑपरेशनल चुनौतियों के चलते शीर्ष स्तर पर बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
एयर इंडिया में CEO स्तर पर संभावित बदलाव कंपनी के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। अहमदाबाद विमान हादसे की अंतिम रिपोर्ट और वित्तीय चुनौतियों के बीच लिया गया यह फैसला भविष्य की रणनीति को प्रभावित करेगा।
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