मुख्यमंत्री: Yogi Adityanath ने आगरा को लेकर एक बड़ा विजन पेश करते हुए घोषणा की है कि “ग्रेटर आगरा जल्द ही दूसरा नोएडा बनेगा।” इस बयान के साथ ही राज्य सरकार ने आगरा के विकास को नई दिशा देने का संकेत दे दिया है।
मंगलवार को आगरा दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने 449.65 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाली “ग्रेटर आगरा” परियोजना की शुरुआत की जानकारी दी। इस परियोजना के तहत 10 आधुनिक टाउनशिप बनाई जाएंगी, जो शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और निवेश के अवसरों को बढ़ाएंगी।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि आगरा को अब “स्मार्ट” के साथ-साथ “सेफ सिटी” के रूप में भी विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां बड़ी कंपनियां आएंगी, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत बनने वाली टाउनशिप को देश की प्रमुख नदियों के नाम पर रखा गया है, जैसे सिंधुपुरम, गोमतीपुरम, गंगापुरम, यमुनापुरम आदि। ये टाउनशिप आधुनिक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और प्लान्ड अर्बन डेवलपमेंट का उदाहरण होंगी।
आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) द्वारा इन टाउनशिप को इनर रिंग रोड के पास विकसित किया जाएगा। इसके लिए रहनकलां और रायपुर गांवों में जमीन का अधिग्रहण भी किया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के तहत रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ा उछाल आने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगरा में मेट्रो परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है और साल के अंत तक सिविल टर्मिनल भी शुरू हो जाएगा। इससे शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ कानून-व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दे रही है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़े।
अपने संबोधन में Yogi Adityanath ने अंतरराष्ट्रीय हालात पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और अस्थिरता के कारण आर्थिक संकट गहराया है, जबकि भारत में स्थिति नियंत्रण में है।
उन्होंने अमेरिका और पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां अन्य देशों में महंगाई बढ़ रही है, वहीं भारत में कीमतों को नियंत्रित रखा गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि देश में नक्सलवाद और माओवाद पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि “ग्रेटर आगरा” परियोजना से न केवल शहरी विकास को गति मिलेगी, बल्कि हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, इससे आगरा का रियल एस्टेट मार्केट भी तेजी से बढ़ेगा।
संभावित रूप से प्लॉट की कीमतें 33 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के आसपास तय की जा सकती हैं, हालांकि इस पर अंतिम निर्णय एडीए बोर्ड की बैठक में लिया जाएगा। प्लॉट बुकिंग मई से शुरू होने की संभावना है।
सीएम योगी का यह ऐलान केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक और आर्थिक संदेश भी है। यह दर्शाता है कि सरकार उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में काम कर रही है।
ग्रेटर आगरा परियोजना आगरा के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है। यदि योजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो यह शहर न केवल पर्यटन बल्कि निवेश और रोजगार के केंद्र के रूप में भी उभर सकता है। “दूसरा नोएडा” बनने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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