जयपुर में अचानक ठप हुआ अस्पतालों का डिजिटल सिस्टम! मरीजों की लंबी कतारें, इलाज पर लगा ब्रेक

राजस्थान: की राजधानी जयपुर में आज स्वास्थ्य सेवाओं पर अचानक बड़ा संकट खड़ा हो गया, जब शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह हॉस्पिटल (SMS) समेत कई अस्पतालों का सर्वर अचानक ठप हो गया। इस तकनीकी खराबी ने मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी में डाल दिया।

दोपहर करीब 12:20 बजे सर्वर अचानक बंद हो गया, जिसके बाद OPD पर्ची बनना, जांचों के बिल जनरेट होना, और भर्ती-डिस्चार्ज जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं पूरी तरह रुक गईं। करीब एक घंटे तक सर्वर चालू नहीं हो सका, जिससे अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

SMS हॉस्पिटल के अलावा जे.के. लोन हॉस्पिटल, सांगानेरी गेट महिला चिकित्सालय, जनाना हॉस्पिटल चांदपोल, जयपुरिया हॉस्पिटल, कांवटिया हॉस्पिटल और गणगौरी हॉस्पिटल समेत कई सरकारी अस्पतालों में भी यही स्थिति देखने को मिली।

सर्वर ठप होने का सबसे ज्यादा असर रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर देखने को मिला, जहां मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। कई मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा, वहीं गंभीर मरीजों के परिजन भी सिस्टम चालू होने का बेसब्री से इंतजार करते नजर आए।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सभी सेवाएं IHMS (Integrated Health Management System) सर्वर के माध्यम से संचालित होती हैं। इसी सर्वर के जरिए OPD पर्ची बनती है, जांचों के बिल तैयार होते हैं और मरीजों की भर्ती व डिस्चार्ज प्रक्रिया पूरी की जाती है। ऐसे में सर्वर बंद होने से पूरा सिस्टम ठप हो गया।

कंप्यूटर ऑपरेटरों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है। पिछले लंबे समय से सर्वर में तकनीकी दिक्कतें बनी हुई हैं। अक्सर सर्वर धीमा हो जाता है, जिससे काम प्रभावित होता है, और कई बार यह पूरी तरह बंद भी हो जाता है। इससे न केवल मरीजों को परेशानी होती है, बल्कि अस्पताल स्टाफ का काम भी बाधित होता है।

इस पूरे सिस्टम की मॉनिटरिंग सूचना एवं प्रोद्योगिकी विभाग (डीओआईटी) के तहत होती है। राज्य सरकार द्वारा IHMS पोर्टल को प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों से जोड़ने की योजना है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और बेहतर बनाया जा सके। लेकिन बार-बार आने वाली तकनीकी खामियां इस योजना की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रही हैं।

मरीजों और उनके परिजनों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाएं पहले ही दबाव में हैं, और इस तरह की तकनीकी समस्याएं हालात को और खराब कर देती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल हेल्थ सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए सर्वर क्षमता बढ़ाने, बैकअप सिस्टम तैयार रखने और नियमित तकनीकी जांच जरूरी है। अन्यथा इस तरह की घटनाएं भविष्य में भी मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनती रहेंगी।


निष्कर्ष:

जयपुर के सरकारी अस्पतालों में सर्वर ठप होने की घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि डिजिटल सिस्टम पर निर्भरता के साथ मजबूत तकनीकी ढांचा भी उतना ही जरूरी है। जब तक सर्वर की स्थिरता और बैकअप व्यवस्था को बेहतर नहीं किया जाएगा, तब तक मरीजों को इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता रहेगा।

Written By

Rajat Kumar RK

Desk Reporter

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