राजस्थान: के दौसा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां रोडवेज डिपो के चीफ मैनेजर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई Anti Corruption Bureau Rajasthan (ACB) की टीम ने की, जिसने आरोपी अधिकारी को ट्रैप कर पकड़ लिया।
जानकारी के मुताबिक, दौसा रोडवेज डिपो में तैनात चीफ मैनेजर विश्राम मीणा ने एक बस कंडक्टर से उसके मेडिकल बिल पास कराने के बदले 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। कंडक्टर का करीब 42 हजार रुपए का मेडिकल बिल लंबित था, जिसे पास कराने के लिए आरोपी अधिकारी लगातार दबाव बना रहा था।
इससे परेशान होकर परिवादी कंडक्टर ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद एसीबी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की।
परिवादी रेवड़मल ने एसीबी की हेल्पलाइन 1064 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह 18 दिसंबर 2025 से 19 जनवरी 2026 तक बीमार रहने के कारण मेडिकल अवकाश पर था। ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद उसने अपने सभी मेडिकल दस्तावेज संबंधित कार्यालय में जमा करा दिए थे।
लेकिन इसके बावजूद उसका बिल पास नहीं किया जा रहा था। जब वह 25 मार्च को चीफ मैनेजर से मिला, तो उसने खुले तौर पर 20 हजार रुपए की रिश्वत की मांग कर दी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने पहले इस मामले का सत्यापन किया। 2 और 7 अप्रैल को आरोपी द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि की गई। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप प्लान तैयार किया।
डिप्टी एसपी शब्बीर खान के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की राशि ली, उसे मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
यह पूरी कार्रवाई बेहद सुनियोजित तरीके से की गई, जिसमें एसीबी की टीम ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया।
चीफ मैनेजर की गिरफ्तारी के बाद रोडवेज विभाग में हड़कंप मच गया। सरकारी कार्यालय में इस तरह की कार्रवाई से अन्य कर्मचारियों में भी डर का माहौल है।
ACB अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वह पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है।
इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है। एसीबी लगातार ऐसे मामलों में सक्रिय भूमिका निभा रही है और रिश्वतखोरी के मामलों में त्वरित कार्रवाई कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से सरकारी तंत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम जनता को राहत मिलेगी।
ACB ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उनसे कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी भी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराएं।
विभाग का कहना है कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
दौसा में रोडवेज डिपो के चीफ मैनेजर की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। ACB की यह कार्रवाई न केवल दोषियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम लोगों के लिए एक भरोसा भी है कि उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई होती है।
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