जयपुर: जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को केंद्र सरकार ने फाइनल मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक में यह मंजूरी दी गई। खास बात यह है कि जयपुर मेट्रो की डीपीआर को मंजूरी प्रक्रिया में सबसे कम समय लगा।
मंजूरी का इतिहास
- राज्य सरकार ने पिछले वर्ष मई 2025 में जयपुर मेट्रो फेज 2 की डीपीआर केंद्र सरकार को भेजी थी।
- इंटर मिनिस्ट्रियल कंसल्टेशन के बाद मामला पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड को भेजा गया।
- बोर्ड की 11 दिसंबर 2025 की बैठक में राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एमडी Vaibhav Galaria ने डीपीआर प्रस्तुत किया।
फेज 2 रूट और मुख्य विवरण
- रूट लंबाई: 42.80 किलोमीटर
- स्टेशनों की संख्या: 36 (2 भूमिगत)
- कोरिडोर: अधिकांश एलिवेटेड, लगभग 3 किमी भूमिगत
- मुख्य रूट:
- रिंग रोड (प्रहलादपुरा) से लेकर टोड़ी मोड़ (विद्याधर नगर)
- प्रमुख स्टेशनों में: बीलवा कलां, बीलवा, गोनेर मोड, सीतापुरा, जेईसीसी, कुंभा मार्ग, हल्दीघाटी मार्ग, पिंजरापोल गौशाला
- पिंजरापोल से सांगानेर फ्लाईओवर तक एलिवेटेड से भूमिगत कोरिडोर
- सांगानेर एयरपोर्ट टर्मिनल 3 तक भूमिगत स्टेशन
कुल लागत और पैकेज
- कुल लागत: ₹12,260 करोड़
- फेज 2 को 7–8 पैकेजों में विभाजित किया गया है
- पहले पैकेज: प्रहलादपुरा रिंग रोड से पिंजरापोल गौशाला तक
- चयनित कंसोर्टियम: Sam India Builtwell Pvt Ltd & Seagal India Ltd (JV)
- अनुबंध लागत: ₹918 करोड़ (निर्धारित दर से 19.83% कम)
- निर्माण अवधि: 34 महीने
- पैकेज में 11 किमी कोरिडोर और 10 एलिवेटेड स्टेशन शामिल
निर्माण कार्य की तैयारी
- राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन जल्द ही वर्क ऑर्डर जारी करेगा
- अनुबंधित फर्म मौके पर काम शुरू करेगी
- पहले पैकेज में प्रहलादपुरा, मानपुरा, बीलवा कलां, बीलवा, गोनेर रोड, सीतापुरा, जेईसीसी, कुंभा मार्ग, हल्दीघाटी गेट और पिंजरापोल गौशाला शामिल हैं
महत्व
जयपुर मेट्रो फेज 2 की डीपीआर को केंद्र से इतनी जल्दी मंजूरी मिली, जो पिछले कुछ वर्षों में भारत के विभिन्न शहरों की मेट्रो परियोजनाओं की तुलना में सबसे तेज़ प्रक्रिया मानी जा रही है। इससे अब फेज 2 का निर्माण तुरंत शुरू किया जा सकेगा।