जयपुर: में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने अपने बयान से सियासी हलचल तेज कर दी है। उन्होंने खुलकर कहा कि वे Nitish Kumar को देश का प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते थे। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन के कई नेता भी यही चाहते थे कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री पद से ही रिटायर हों।
जयपुर दौरे के दौरान एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने नीतीश कुमार के साथ “बहुत बड़ा धोखा” किया है और अब उनकी राजनीतिक पारी राज्यसभा तक सीमित रह सकती है।
अखिलेश यादव ने भारत की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi अगर इजराइल दौरे के बाद ईरान भी जाते, तो भारत को “विश्व गुरु” के रूप में और मजबूत पहचान मिल सकती थी।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने यह मौका गंवा दिया। उनके मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि और मजबूत की जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
सपा प्रमुख ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी आईटी सेल के जरिए बूथ स्तर पर वोट कटवाने का काम कर रही है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां विपक्षी दलों के वोटरों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि शिकायतों के बावजूद किसी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं होती, जिससे चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं।
महिला आरक्षण को लेकर भी अखिलेश यादव ने सरकार की नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर आरक्षण दे रही है, जबकि 2029 तक लागू होने वाली नीति के लिए नए आंकड़ों का इस्तेमाल होना चाहिए।
उनके अनुसार, यह महिलाओं के साथ “न्याय नहीं” है और जल्दबाजी में लिया गया फैसला है।
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर धार्मिक नेताओं के सम्मान को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य को विभिन्न स्थानों पर अपमानित किया जा रहा है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
राजस्थान की राजनीति पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी पहले उत्तर प्रदेश में बीजेपी को हराने पर ध्यान देगी, उसके बाद राजस्थान में भी अपनी उपस्थिति मजबूत करेगी।
उन्होंने राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र की सराहना करते हुए कहा कि यहां आर्थिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर आगरा की इकोनॉमी को एक ट्रिलियन डॉलर बनाने की बात हो सकती है, तो जयपुर इससे भी आगे जा सकता है।
अखिलेश यादव ने “डबल इंजन सरकार” की अवधारणा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकारें एक-दूसरे की मदद करने के बजाय टकराव की स्थिति में हैं।
उनके अनुसार, विकास के बजाय राजनीतिक टकराव ज्यादा नजर आ रहा है।
जयपुर में अखिलेश यादव का यह बयान न सिर्फ नीतीश कुमार को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ता है, बल्कि बीजेपी, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की नीतियों पर भी कई सवाल खड़े करता है। आने वाले समय में इन बयानों का असर राष्ट्रीय राजनीति और आगामी चुनावों में देखने को मिल सकता है।
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