राजधानी: जयपुर में एक बार फिर अवैध निर्माण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। Jaipur Development Authority (JDA) के सख्त नोटिस के बावजूद अजमेर रोड स्थित टैगोर नगर (डीसीएम) में प्लॉट नंबर 91 पर निर्माण कार्य बेखौफ जारी है। इस मामले ने न केवल नियमों की अनदेखी को उजागर किया है, बल्कि प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, JDA ने संबंधित प्लॉट पर धारा 32 और 33 के तहत कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे। इन धाराओं के तहत अवैध निर्माण को रोकना और आवश्यकता पड़ने पर उसे ध्वस्त करना शामिल होता है।
इसके बावजूद मौके पर निर्माण कार्य जारी है। यहां बेसमेंट का निर्माण किया जा रहा है और जीरो सेटबैक पर दुकानें बनाई जा रही हैं, जो भवन निर्माण नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह निर्माण एक नॉन-अप्रूव्ड प्लॉट पर किया जा रहा है। ऐसे प्लॉट पर किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण पूरी तरह अवैध माना जाता है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्माण सामग्री सड़क तक फैलाई गई है, जिससे न केवल अतिक्रमण हो रहा है बल्कि राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इलाके के लोगों ने प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि कई बार शिकायतें दर्ज कराने और नोटिस जारी होने के बावजूद भी निर्माण नहीं रुका।
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि, “यह सब खुलेआम हो रहा है, लेकिन कोई अधिकारी मौके पर आकर कार्रवाई नहीं कर रहा। ऐसा लगता है कि किसी का संरक्षण प्राप्त है।”
इस पूरे मामले ने JDA की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि जब विभाग ने खुद नोटिस जारी किया है, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
शहर में अवैध निर्माण रोकने की जिम्मेदारी JDA की होती है, लेकिन इस तरह के मामलों में ढिलाई से यह संदेश जाता है कि नियमों का पालन करवाने में एजेंसी असफल हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिना अनुमति और नियमों के खिलाफ निर्माण से भविष्य में कई खतरे पैदा हो सकते हैं।
इस तरह के निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन सकते हैं।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस अवैध निर्माण को नहीं रोका गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
उनका कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाना चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
फिलहाल सभी की निगाहें JDA पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि विभाग इस मामले में कब तक ठोस कदम उठाता है।
यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला और तूल पकड़ सकता है और शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ चल रही मुहिम पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.