राजस्थान: की राजधानी जयपुर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के पॉश इलाके जवाहर सर्किल के पास मालवीय नगर में एक गर्भवती महिला के साथ छेड़छाड़ का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल कार्रवाई करते हुए दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
घटना के अनुसार, पीड़िता अपने घर के पास मोबाइल पर बात करते हुए जा रही थी। तभी एक युवक काफी दूरी से उसका पीछा करने लगा। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी पहले महिला की गतिविधियों पर नजर रखता है और फिर मौका मिलते ही सुनसान गली में पीछे से पकड़कर उसके साथ अश्लील हरकत करता है।
महिला ने जैसे ही विरोध किया और शोर मचाया, आरोपी मौके से फरार हो गया। हालांकि पूरी वारदात आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
यह मामला और भी गंभीर तब हो गया जब यह सामने आया कि पीड़िता ने घटना के अगले दिन ही थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। ड्यूटी ऑफिसर ने केवल एक सामान्य परिवाद दर्ज किया और जांच अधिकारी ने भी मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
इस लापरवाही को देखते हुए उच्च अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया और जांच के बाद ड्यूटी ऑफिसर महेश चंद और हेड कांस्टेबल अंगदराम को निलंबित कर दिया गया। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं, मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की। आसपास के करीब तीन किलोमीटर के दायरे में लगे CCTV फुटेज खंगाले गए और आरोपी की पहचान कर ली गई। आरोपी की पहचान राज गुर्जर के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश का रहने वाला बताया जा रहा है और मालवीय नगर के एक स्पा सेंटर में काम करता है।
पुलिस टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है और जल्द ही उसे पकड़ने का दावा कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ नई आपराधिक कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने जयपुर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर से बहस छेड़ दी है। पिछले कुछ दिनों में आमेर में विदेशी युवती से अभद्रता, ऑटो ड्राइवर द्वारा टूरिस्ट से बदसलूकी और इस्कॉन रोड पर बाइक सवार युवती से छेड़छाड़ जैसे कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर शहर में महिलाओं की सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को गश्त बढ़ानी चाहिए और सुनसान इलाकों में निगरानी मजबूत करनी चाहिए। साथ ही CCTV नेटवर्क को और सशक्त बनाने की जरूरत है ताकि ऐसे अपराधियों पर जल्दी लगाम लगाई जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता भी जरूरी है। महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है।
निष्कर्ष:
जयपुर में सामने आई यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सिस्टम की संवेदनशीलता पर भी गंभीर चिंता जताती है। हालांकि पुलिस ने देर से ही सही, लेकिन कार्रवाई की है। अब देखना होगा कि आरोपी की गिरफ्तारी और सख्त सजा से क्या इस तरह की घटनाओं पर लगाम लग पाती है या नहीं।
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