राजस्थान: के बहुचर्चित 960 करोड़ रुपए के जल जीवन मिशन घोटाले में बड़ा अपडेट सामने आया है। Anti Corruption Bureau Rajasthan ने इस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ करीब 16,000 पन्नों की विशाल चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी है। यह चार्जशीट अपने आकार और गंभीरता दोनों के कारण चर्चा का विषय बन गई है।
चार्जशीट को पेश करने का तरीका भी असामान्य रहा। एसीबी के चार अधिकारी Jaipur के झालाना स्थित मुख्यालय से दो टेंपो ट्रैवलर में लाल रंग के 54 बंडलों में दस्तावेज लेकर कोर्ट पहुंचे। इस नजारे ने इस घोटाले की गंभीरता और व्यापकता को साफ तौर पर दिखा दिया।
चार्जशीट के अनुसार, मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी और मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी के मालिकों—महेश मित्तल और पदमचंद जैन—ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र तैयार किए। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने Ircon International Limited के नाम का दुरुपयोग किया और Public Health Engineering Department Rajasthan के अधिकारियों के साथ कथित मिलीभगत कर करोड़ों के टेंडर हासिल किए।
इस पूरे खेल में सरकारी अधिकारियों और निजी कंपनियों की मिलीभगत से बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार होने की बात सामने आई है।
एसीबी ने जिन 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है, उनमें कई बड़े अधिकारी शामिल हैं। इनमें चीफ इंजीनियर, अधीक्षण अभियंता, वित्तीय सलाहकार और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं। यह मामला प्रशासनिक तंत्र में गहराई तक फैले भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
हालांकि, रिटायर्ड IAS Subodh Agarwal के खिलाफ अभी चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है। उन्हें फिलहाल कोर्ट ने दो दिन की रिमांड पर भेजा है। उनकी अंतरिम जमानत की याचिका भी कोर्ट ने खारिज कर दी है।
इस मामले में तीन मुख्य आरोपी—जितेंद्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता—अभी भी फरार हैं। कोर्ट ने इनकी संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी कर दिए हैं, जिससे जांच एजेंसियों की सख्ती का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इस घोटाले में शामिल 11 आरोपियों ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए Rajasthan High Court में याचिकाएं दाखिल की हैं। इन पर 21 अप्रैल को सुनवाई प्रस्तावित है, जिससे इस केस की दिशा तय हो सकती है।
एसीबी ने इस मामले में 17 फरवरी को बड़े स्तर पर छापेमारी की थी। जयपुर, बाड़मेर, जालोर, सीकर, दिल्ली, बिहार और झारखंड सहित कुल 15 स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई थी। इसी कार्रवाई के दौरान कई अहम दस्तावेज और सबूत जुटाए गए थे।
इसके बाद Enforcement Directorate और Central Bureau of Investigation ने भी इस मामले में जांच शुरू की, जिससे यह घोटाला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया।
यह घोटाला केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी Jal Jeevan Mission योजना से जुड़ा है, जिसका उद्देश्य हर घर तक नल से जल पहुंचाना है। ऐसे में इस योजना में भ्रष्टाचार सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.