राजस्थान-पाक: बॉर्डर के पास थार के रेगिस्तान में आसमान गरजा, धरती कांपी और सटीक प्रहारों ने ‘दुश्मन’ के रनवे व कमांड सेंटर को ध्वस्त कर दिया। जैसलमेर के निकट स्थित पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना के मेगा युद्धाभ्यास ‘वायु शक्ति-2026’ की फुल ड्रेस रिहर्सल ने शक्ति, समन्वय और तकनीकी श्रेष्ठता का प्रदर्शन किया। मुख्य कार्यक्रम 27 फरवरी को होगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री मदन लाल शर्मा भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
रिहर्सल की शुरुआत में Sukhoi Su-30MKI ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तर्ज पर दुश्मन के रनवे और आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। सटीक बमबारी के साथ लक्ष्य क्षेत्र में धुएं के गुबार उठे, जिसने दर्शकों को वास्तविक युद्ध जैसे दृश्य का अनुभव कराया। यह प्रदर्शन दिन के उजाले से लेकर धुंधली रोशनी और अंधेरे में भी सटीक प्रहार की क्षमता दिखाने के उद्देश्य से किया गया।
अभ्यास के दौरान बताया गया कि 73 फाइटर जेट देशभर के 8 एयरबेस से उड़ान भरेंगे और जैसलमेर के चांधन रेंज में निर्धारित लक्ष्यों को भेदेंगे। यह समन्वित स्ट्राइक नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर की झलक है, जिसमें विभिन्न बेस से उड़ान भरने वाले विमान एकीकृत कमांड-एंड-कंट्रोल के तहत एक साथ लक्ष्य साधते हैं।
आसमान में दो SEPECAT Jaguar ने ‘सुदर्शन’ फॉर्मेशन दिखाते हुए टारगेट एरिया को अप्रोच किया। अगले चरण में जगुआर ने दुश्मन के रडार और कंट्रोल सिस्टम को नष्ट किया। दूर से उठता धुआं और धमाकों की गूंज ने अभ्यास की तीव्रता को रेखांकित किया। इसके बाद सुखोई ने दुश्मन के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर सटीक प्रहार किया।
रिहर्सल के दौरान Dassault Rafale ने सुपरसोनिक बूम के साथ सभी को चौंका दिया। रेंज तक आते समय लगभग निःशब्द उड़ान और फिर अचानक तेज ध्वनि—यह आधुनिक स्टील्थ और गति का संयोजन था, जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
‘वॉर जोन’ में एंट्री लेते हुए HAL Prachand (LCH) ने दुश्मन के लॉजिस्टिक सेंटर को तबाह किया, जबकि HAL Dhruv (ALH) ने दुश्मन की आर्मर्ड व्हीकल्स पर सटीक वार किया। हेलीकॉप्टरों की कम ऊंचाई पर उड़ान और त्वरित प्रहार ने क्लोज एयर सपोर्ट की क्षमता का प्रदर्शन किया।
यह पहला अवसर है जब Airbus C-295 की नाइट असॉल्ट लैंडिंग को प्रदर्शित किया जाएगा। अंधेरे में सीमित विजिबिलिटी के बावजूद सटीक लैंडिंग और त्वरित तैनाती—यह क्षमता आधुनिक युद्ध में निर्णायक मानी जाती है। रात के परिदृश्य में लक्ष्यभेदन और एयरलिफ्ट ऑपरेशंस की विश्वसनीयता की भी परख होगी।
अभ्यास में Lockheed Martin C-130J Super Hercules भी शामिल हैं। ये विमान विशेष दस्ते ‘गरुड़ कमांडो’ को सीधे युद्धक्षेत्र में उतारने की क्षमता रखते हैं। कम दूरी के रनवे पर टेक-ऑफ/लैंडिंग और त्वरित ऑपरेशनल तैनाती, विशेष अभियानों के लिए महत्वपूर्ण है। भारतीय वायुसेना के पास 12 से अधिक C-130J विमान हैं, जो आपदा राहत से लेकर विशेष सैन्य अभियानों तक में अहम भूमिका निभाते हैं।
रिहर्सल में मानव रहित ड्रोन की तैनाती भी दिखाई गई, जिसने लक्ष्य की पहचान, निगरानी और सटीक प्रहार में तकनीकी बढ़त का संकेत दिया। आधुनिक युद्ध में ISR (इंटेलिजेंस, सर्विलांस, रिकॉनिसेंस) की भूमिका निर्णायक होती है, और ड्रोन उसी का केंद्र हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई। हेलीकॉप्टर से आसमान में तिरंगा लहराता दिखा। रिहर्सल के मुख्य अतिथि वायुसेना उप प्रमुख एयर मार्शल नागेश कपूर ने कहा कि देश को दिन, धुंधली रोशनी और अंधेरे—हर परिस्थिति में वायुसेना की शक्ति से रूबरू कराया जाएगा, जैसा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान देखा गया था।
इस युद्धाभ्यास में 100 से अधिक फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट विमान शामिल हो रहे हैं। यह केवल फायरपावर का प्रदर्शन नहीं, बल्कि इंटर-ऑपरेबिलिटी, नेटवर्किंग, लॉजिस्टिक्स और रियल-टाइम कमांड-एंड-कंट्रोल का समेकित अभ्यास है। दिन-रात के परिदृश्यों में सटीकता, त्वरित प्रतिक्रिया और मल्टी-डोमेन समन्वय को परखा जा रहा है।
रेगिस्तानी इलाके में आयोजित यह अभ्यास सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। सीमावर्ती क्षेत्र में एयर-डिफेंस, डीप-स्ट्राइक और क्लोज एयर सपोर्ट का समन्वय संभावित चुनौतियों के लिए तैयारी को दर्शाता है। 8 एयरबेस से 73 जेट्स का समन्वित उड़ान भरना—यह संकेत है कि आवश्यकता पड़ने पर देश की वायुशक्ति व्यापक पैमाने पर, बहु-दिशात्मक और सटीक कार्रवाई करने में सक्षम है।
रिहर्सल के दौरान मौजूद सैन्य पर्यवेक्षकों और आम दर्शकों ने सुपरसोनिक बूम, सुदर्शन फॉर्मेशन और सटीक प्रहारों का अनुभव किया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अभ्यास न केवल युद्धक तैयारी को मजबूत करते हैं, बल्कि नई तकनीक और प्लेटफॉर्म के एकीकरण की वास्तविक परख भी करते हैं।
मुख्य आयोजन 27 फरवरी को होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में वायुसेना अपनी क्षमताओं का व्यापक प्रदर्शन करेगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री मदन लाल शर्मा की उपस्थिति इस कार्यक्रम के महत्व को रेखांकित करती है। संभावना है कि नाइट सेगमेंट में C-295 की असॉल्ट लैंडिंग और मल्टी-एयरक्राफ्ट सिंक्रोनाइज़्ड स्ट्राइक मुख्य आकर्षण रहें।
‘वायु शक्ति-2026’ की फुल ड्रेस रिहर्सल ने स्पष्ट कर दिया कि भारतीय वायुसेना दिन-रात, हर मौसम और हर परिदृश्य में सटीक, त्वरित और समन्वित कार्रवाई करने में सक्षम है। सुखोई की डीप-स्ट्राइक, जगुआर की रडार-न्यूट्रलाइजेशन, राफेल का सुपरसोनिक बूम, प्रचंड-ALH का क्लोज सपोर्ट, C-130J की विशेष तैनाती और C-295 की नाइट असॉल्ट लैंडिंग—ये सभी मिलकर आधुनिक वायुशक्ति की संपूर्ण तस्वीर पेश करते हैं। 8 एयरबेस से 73 जेट्स की तैयारी और 100+ प्लेटफॉर्म की भागीदारी भारत की सामरिक दृढ़ता का संदेश देती है।
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