पश्चिम बंगाल: में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ने लगा है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्यभर में 5,000 किलोमीटर लंबी ‘परिवर्तन यात्रा’ की शुरुआत का एलान कर दिया है। 1 मार्च से शुरू हो रही यह यात्रा 10 मार्च तक चलेगी और 250 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी।
भाजपा नेतृत्व का दावा है कि यह यात्रा राज्य में राजनीतिक बदलाव की नींव रखेगी।
भाजपा ने रणनीतिक तौर पर राज्य के पांच प्रमुख स्थानों से यात्रा की शुरुआत तय की है। सिलीगुड़ी से केंद्रीय नेता नितीन नवीन यात्रा को रवाना करेंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री निशीथ प्रामाणिक मौजूद रहेंगे।
दक्षिण 24 परगना के रायदिघी से केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah जनसभा को संबोधित कर यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे। वहीं हावड़ा के आमता से रक्षा मंत्री Rajnath Singh कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।
इसके अलावा आने वाले दिनों में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष J. P. Nadda, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis, केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan, Annapurna Devi और वरिष्ठ नेता Smriti Irani भी अलग-अलग जिलों में यात्रा का नेतृत्व करेंगे।
भाजपा नेतृत्व के मुताबिक, यह यात्रा राज्य की 294 में से 250 विधानसभा सीटों से होकर गुजरेगी। इस दौरान 66 बड़ी जनसभाएं और करीब 300 स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
होली के मद्देनजर 3 और 4 मार्च को यात्रा स्थगित रहेगी, जिसके बाद तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी।
यात्रा का समापन कोलकाता के ऐतिहासिक Brigade Parade Ground में प्रस्तावित है। यहां ‘ब्रिगेड चलो’ रैली आयोजित करने की योजना है, जिसमें प्रधानमंत्री Narendra Modi के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
हालांकि रैली की तिथि की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन पार्टी इसे शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रही है।
भाजपा ने इस यात्रा के लिए नारा दिया है—‘पलटानो दरकार, चाहिए बीजेपी सरकार।’ पार्टी ने राज्य की Mamata Banerjee सरकार पर भ्रष्टाचार, लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन और विकास में विफलता के आरोप लगाए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि 2011 में सत्ता परिवर्तन के समय किए गए वादे पूरे नहीं हुए। उनका दावा है कि अब जनता वास्तविक बदलाव चाहती है।
भाजपा नेतृत्व का कहना है कि 2026 का चुनाव राज्य की दिशा तय करेगा और यह “तृणमूल के विसर्जन का चुनाव” साबित होगा। पार्टी ने तृणमूल, वामपंथी और कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ताओं से भी परिवर्तन यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस यात्रा के जरिए बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना चाहती है। 2021 के चुनाव में भाजपा मुख्य विपक्ष के रूप में उभरी थी और अब वह सत्ता परिवर्तन का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में ब्रिगेड मैदान की रैलियों का खास महत्व रहा है। यहां से दी गई राजनीतिक हुंकार अक्सर चुनावी माहौल को प्रभावित करती रही है। ऐसे में भाजपा की यह यात्रा और प्रस्तावित मेगा रैली आगामी विधानसभा चुनाव की दिशा तय कर सकती है।
‘परिवर्तन यात्रा’ के जरिए भाजपा ने पश्चिम बंगाल में चुनावी शंखनाद कर दिया है। 5,000 किलोमीटर लंबी यह यात्रा 250 विधानसभा सीटों को कवर करेगी और कोलकाता में मेगा रैली के साथ समाप्त होगी।
अब देखने वाली बात यह होगी कि यह सियासी यात्रा जनता के बीच कितना प्रभाव छोड़ती है और 2026 के चुनावी समीकरणों को किस हद तक बदल पाती है।
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