जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित प्रसिद्ध गोविंद देव जी मंदिर में एक भावुक पल उस समय देखने को मिला जब लोक गायिका और विधायक मैथिली ठाकुर भजन गाते-गाते अचानक भावुक हो गईं। मंदिर के आध्यात्मिक माहौल और भक्तों की भक्ति से प्रभावित होकर उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े।
मैथिली ठाकुर रविवार को अपने दोनों भाइयों के साथ मंदिर में दर्शन करने पहुंची थीं। मंदिर परिसर में जब उन्होंने भजन गाना शुरू किया तो वहां मौजूद भक्तों की भीड़ और भक्ति का वातावरण देखकर वे भावनाओं को रोक नहीं पाईं।
मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच मैथिली ठाकुर भजन गा रही थीं— “आज तो नवेली राधा गौरी पूजन आई छ…”। भजन के दौरान मंदिर में बजती घंटियों की ध्वनि, तालियों की गूंज और भक्तों की भक्ति ने ऐसा माहौल बना दिया कि वह भावुक हो गईं।
भजन गाते-गाते अचानक उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। इस दौरान कुछ पल के लिए वे रुक गईं और खुद को संभालने की कोशिश करती नजर आईं।
दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मैथिली ठाकुर ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए बेहद खास था। उन्होंने कहा कि जब वे मंदिर में पहुंचीं तो वहां का आध्यात्मिक वातावरण उन्हें भीतर तक छू गया।
उन्होंने कहा, “पता नहीं मुझे क्या हो रहा था। भक्तों के भजन, घंटियों की आवाज और तालियों की गूंज ने मन को इतना प्रभावित किया कि मैं खुद को संभाल नहीं पाई।”
मैथिली ने आगे कहा कि उन्हें ऐसा लगा जैसे उनके मन का सारा बोझ हल्का हो गया हो।
बताया जा रहा है कि मैथिली ठाकुर अपने दोनों भाइयों के साथ गोविंददेवजी मंदिर दर्शन करने पहुंची थीं। मंदिर में उन्होंने भगवान के दर्शन किए और कुछ समय तक भक्तों के साथ भजन भी गाए।
मंदिर में मौजूद कई श्रद्धालुओं ने इस दौरान उनके साथ भजन गाए और उनका स्वागत किया। वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
मैथिली ठाकुर मूल रूप से दरभंगा जिले के अलीनगर क्षेत्र से संबंध रखती हैं। वह एक प्रसिद्ध लोक गायिका होने के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं।
लोक संगीत के क्षेत्र में उन्होंने अपनी खास पहचान बनाई है। उनके भजन और लोकगीत देशभर में लोकप्रिय हैं और सोशल मीडिया पर भी उनके लाखों प्रशंसक हैं।
राजनीति में भी उन्होंने अपनी सक्रियता दिखाई है और अपने क्षेत्र में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती हैं।
जयपुर का गोविंददेवजी मंदिर भगवान श्रीकृष्ण के प्रमुख मंदिरों में से एक माना जाता है। यहां रोजाना हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। मंदिर में होने वाले भजन-कीर्तन और आरती का वातावरण बेहद आध्यात्मिक माना जाता है।
विशेष अवसरों और त्योहारों पर यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। मंदिर की आरती और भजन का माहौल कई लोगों को भावुक कर देता है।
मंदिर में मैथिली ठाकुर के भावुक होने के कई फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई लोगों ने उनके इस भावुक पल को सच्ची भक्ति का प्रतीक बताया है।
फैंस और श्रद्धालु उनकी सादगी और भक्ति भावना की सराहना कर रहे हैं।
जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर में मैथिली ठाकुर का भावुक होना यह दर्शाता है कि भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण किसी के भी मन को गहराई से छू सकता है। मंदिर में भजन गाते समय उनका यह भावुक पल भक्तों के लिए भी एक यादगार अनुभव बन गया।
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