राजस्थान: के Dausa जिले के श्यालावास स्थित विशिष्ट केंद्रीय जेल में सोमवार को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ा सर्च अभियान चलाया। इस दौरान जेल परिसर के भीतर बंदियों की बैरकों, वार्डों और कोठरियों की गहन जांच की गई। तलाशी के दौरान एक ब्लूटूथ कनेक्टर बरामद हुआ, हालांकि इसके अलावा कोई अन्य प्रतिबंधित सामग्री नहीं मिली।
यह अभियान जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में चलाया गया, जिसमें करीब 80 पुलिस जवानों ने हिस्सा लिया।
जेल में तलाशी अभियान Devendra Kumar और Sagar Rana के नेतृत्व में चलाया गया।
दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुआ यह सर्च ऑपरेशन लगभग दो घंटे तक चला और शाम करीब 3 बजे समाप्त हुआ। इस दौरान जेल परिसर के हर हिस्से की बारीकी से जांच की गई।
अधिकारियों ने बंदियों के वार्ड, बैरक, कोठरियों और अन्य स्थानों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान आधुनिक उपकरणों का भी इस्तेमाल किया गया ताकि किसी भी प्रकार की अवैध या प्रतिबंधित वस्तु छिपी न रह जाए।
इस तलाशी अभियान में प्रशासन और पुलिस के कई अधिकारी मौजूद रहे। इनमें Arvind Sharma, Yashwant Meena, Deepak Meena और Naval Kishore Sharma शामिल थे।
इसके अलावा लवाण, राहुवास, नांगल राजावतान और पापड़दा थाना क्षेत्रों के थाना प्रभारी भी पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे।
तलाशी अभियान के दौरान करीब 80 पुलिस जवानों को अलग-अलग टीमों में बांटा गया था। इन टीमों ने जेल के विभिन्न हिस्सों में जाकर सघन तलाशी ली।
जेल प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर पुलिस टीमों ने बंदियों की बैरकों, कोठरियों और अन्य स्थानों की जांच की। अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जेल के अंदर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या प्रतिबंधित वस्तु मौजूद न हो।
तलाशी के दौरान जेल परिसर से एक ब्लूटूथ कनेक्टर बरामद किया गया। हालांकि इसके अलावा कोई अन्य प्रतिबंधित सामग्री नहीं मिली।
अधिकारियों के अनुसार बरामद सामग्री की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह जेल के अंदर कैसे पहुंची।
प्रशासन के अनुसार जेलों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए समय-समय पर इस तरह के सर्च अभियान चलाए जाते हैं।
राजस्थान गृह विभाग के निर्देश पर जेलों में महीने में कम से कम दो बार पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा तलाशी अभियान चलाया जाता है।
इसका उद्देश्य जेलों के भीतर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, प्रतिबंधित सामग्री या सुरक्षा में चूक को रोकना है।
जेल अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की तलाशी से जेल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है और बंदियों द्वारा अवैध वस्तुओं के इस्तेमाल की संभावना कम हो जाती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आगे भी समय-समय पर इस तरह के सर्च अभियान चलाए जाएंगे ताकि जेलों में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखा जा सके।
दौसा के विशिष्ट केंद्रीय जेल में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा चलाए गए तलाशी अभियान में एक ब्लूटूथ कनेक्टर बरामद हुआ। हालांकि इसके अलावा कोई अन्य प्रतिबंधित सामग्री नहीं मिली। कलेक्टर और एसपी के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में करीब 80 पुलिस जवानों ने भाग लिया। प्रशासन का कहना है कि जेल सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिए इस तरह के सर्च अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
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