राजस्थान: की राजधानी जयपुर से मंगलवार सुबह एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई। आमेर क्षेत्र में तेज रफ्तार निजी बस ने बाइक सवार परिवार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में 10 महीने की मासूम बच्ची की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
घटना इतनी भयावह थी कि बच्ची बस के पिछले टायर के नीचे आ गई और उसका शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
जानकारी के अनुसार, चंदवाजी निवासी शेर सिंह अपने परिवार के साथ मोटरसाइकिल से मजदूरी करने कूकस जा रहे थे। बाइक पर उनके साथ पत्नी, बच्चे और परिवार की एक अन्य महिला सदस्य भी मौजूद थीं।
सुबह करीब 9 बजे जब परिवार आमेर इलाके के अचरोल तिराहे के पास आनंद हॉस्पिटल के नजदीक पहुंचा, तभी अस्पताल स्टाफ को लेकर जा रही एक निजी बस तेज रफ्तार में वहां पहुंची।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस चालक ने गलत दिशा से कट लिया और सीधे बाइक को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक बस के नीचे जा घुसी और पूरा परिवार सड़क पर दूर जा गिरा। इसी दौरान 10 महीने की मासूम सकीना बस के पिछले टायर के नीचे आ गई।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि हादसा बेहद भयावह था। बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सड़क पर चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े।
इस हादसे में परिवार के अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में:
शामिल हैं।
सभी घायलों को तुरंत जयपुर ग्रामीण के BST हॉस्पिटल अचरोल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
चंदवाजी थाना और अचरोल पुलिस चौकी की टीम हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
एएसआई संतोष कुमार ने बताया कि:
“बस ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। बस को जब्त कर जांच शुरू कर दी गई है।”
पुलिस अब हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने बस चालक की तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण बताया।
कुछ देर के लिए सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा। लोगों ने प्रशासन से इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और तेज रफ्तार वाहनों पर कार्रवाई की मांग की।
बताया जा रहा है कि शेर सिंह का परिवार बेहद गरीब है और रोज मजदूरी करके अपना गुजारा करता है।
मंगलवार सुबह भी पूरा परिवार काम की तलाश में घर से निकला था, लेकिन कुछ ही देर में उनका सफर मातम में बदल गया।
परिवार की हालत देखकर मौके पर मौजूद कई लोग भावुक हो गए।
इस हादसे ने एक बार फिर राजस्थान में बढ़ते सड़क हादसों और तेज रफ्तार वाहनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि:
ऐसे हादसों की बड़ी वजह बनते जा रहे हैं।
प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चलाने का दावा करता है, लेकिन जमीन पर स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है।
पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि हादसे की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।
प्राथमिक जांच में बस चालक की लापरवाही सामने आ रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर के आमेर इलाके में हुआ यह हादसा बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला है। मजदूरी करने निकले एक गरीब परिवार ने अपनी 10 महीने की मासूम बच्ची को हमेशा के लिए खो दिया। यह घटना सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के खतरे को एक बार फिर उजागर करती है। प्रशासन के लिए यह जरूरी हो गया है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
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