उत्तराखंड: की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस बार श्रद्धालुओं की संख्या के नए रिकॉर्ड बना रही है। 19 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में अब तक लाखों श्रद्धालु केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन कर चुके हैं। लेकिन यात्रा के दौरान लगातार बढ़ रही मौतों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
आंकड़ों के मुताबिक, यात्रा शुरू होने के बाद केवल 25 दिनों में 40 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा मौतें केदारनाथ धाम में हुई हैं, जहां अब तक 22 श्रद्धालुओं ने जान गंवाई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 13 मई तक कुल 12 लाख 64 हजार 217 श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं। हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं।
विशेष रूप से केदारनाथ धाम में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। हेलीकॉप्टर सेवाओं से लेकर पैदल मार्ग तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगातार बनी हुई हैं।
चारधाम यात्रा में अब तक हुई 40 मौतों में सबसे ज्यादा 22 मौतें केदारनाथ धाम में दर्ज की गई हैं। इसके अलावा बद्रीनाथ में 7 श्रद्धालुओं की जान गई है।
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी कई श्रद्धालुओं की मौत की खबर सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अधिकांश मौतों का कारण हार्ट अटैक, सांस लेने में दिक्कत और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य बिगड़ना बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि केदारनाथ जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में ऑक्सीजन का स्तर कम होने और अत्यधिक ठंड के कारण बुजुर्ग एवं पहले से बीमार लोगों को ज्यादा खतरा रहता है।

मौतों का आंकड़ा बढ़ने के बाद उत्तराखंड सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष हेल्थ एडवाइजरी जारी की है।
प्रशासन ने सलाह दी है कि 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित श्रद्धालु यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच जरूर कराएं।
इसके अलावा यात्रा के दौरान थकान, सांस फूलना या सीने में दर्द जैसी समस्या होने पर तुरंत मेडिकल सहायता लेने को कहा गया है।
सरकार ने चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का दावा किया है। यात्रा मार्गों पर मेडिकल कैंप, एम्बुलेंस और ऑक्सीजन सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।
केदारनाथ और बद्रीनाथ मार्ग पर डॉक्टरों की अतिरिक्त टीमें भी तैनात की गई हैं ताकि आपात स्थिति में तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
हालांकि भारी भीड़ और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई बार राहत और बचाव कार्य प्रभावित होने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
लगातार हो रही मौतों और कठिन मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई है। बड़ी संख्या में लोग देशभर से चारधाम यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं।
कई श्रद्धालुओं का कहना है कि कठिनाइयों के बावजूद भगवान के दर्शन उनके लिए सबसे बड़ी आस्था और विश्वास का विषय हैं।
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम भी लगातार बदल रहा है। कहीं बारिश तो कहीं ठंडी हवाओं के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में कई क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। प्रशासन ने यात्रियों से सतर्क रहने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की अपील की है।
उत्तराखंड सरकार ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे बिना स्वास्थ्य जांच और उचित तैयारी के यात्रा पर न निकलें।
सरकार का कहना है कि यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन श्रद्धालुओं को भी अपनी सेहत और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है।
चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ के बीच लगातार बढ़ रही मौतें चिंता का विषय बन गई हैं। केदारनाथ में सबसे ज्यादा मौतों ने प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। ऐसे में यात्रियों के लिए स्वास्थ्य जांच, सावधानी और प्रशासनिक निर्देशों का पालन बेहद जरूरी हो गया है।
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