जयपुर। राजस्थान में पेट्रोल और डीजल की कम आपूर्ति करने वाले पेट्रोल पंपों के खिलाफ उपभोक्ता मामलात विभाग ने बड़ा अभियान चलाते हुए 16 नोजल सीज किए हैं। यह कार्रवाई उपभोक्ता मामलात मंत्री सुमित गोदारा के निर्देशन में की गई। अभियान का उद्देश्य पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा में ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं, इसकी जांच करना था।
विभागीय जांच टीमों ने राज्य के कई जिलों—अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, बीकानेर और जोधपुर में निरीक्षण अभियान चलाया। जांच के दौरान कई पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को तय मात्रा से कम पेट्रोल और डीजल दिए जाने की शिकायत सही पाई गई।
भरतपुर जिले में जांच के दौरान मॉडर्न ऑटो सर्विस IOCL हीरादास और जगन पेट्रोलियम डेस्टिनेशन, जघीना गेट पर दो-दो नोजलों में कम मात्रा में ईंधन आपूर्ति पाई गई। वहीं, ओम राज फिलिंग स्टेशन और प्रगति एचपी सेंटर, काली की बगीची में भी एक-एक नोजल पर गड़बड़ी सामने आई।
जांच में पता चला कि कुछ पंपों पर प्रति 5 लीटर ईंधन की आपूर्ति में लगभग 30 मिलीलीटर तक की कमी की जा रही थी। हालांकि यह मात्रा कम दिखाई देती है, लेकिन बड़े स्तर पर यह उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए संबंधित नोजलों को सीज कर दिया।
इसके अलावा, संबंधित पेट्रोल पंपों पर विधिक मापविज्ञान अधिनियम (Legal Metrology Act) के प्रावधानों के उल्लंघन के मामले भी सामने आए। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने कुल 10 हजार रुपए का जुर्माना भी वसूला।
सरकार का कहना है कि इस तरह के निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे ताकि उपभोक्ताओं को सही मात्रा में ईंधन मिले और पेट्रोल पंपों पर पारदर्शिता बनी रहे। यह कार्रवाई उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा और ईंधन आपूर्ति में गड़बड़ियों पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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