श्रीगंगानगर में एनएच-62 पर चला बुलडोजर, हाईवे किनारे 18 अवैध अतिक्रमण हटाए

श्रीगंगानगर/सूरतगढ़ क्षेत्र में राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-62 (NH-62) पर अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग (एनएच) द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया। इंदिरा सर्किल से लेकर राजपुरा पीपेरन तक चले इस विशेष अभियान के दौरान करीब 18 स्थानों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान खोखे, रेहड़ियां, पुराने टायर, लकड़ी और अन्य सामान जब्त किए गए। अचानक हुई इस कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों और स्थानीय दुकानदारों में हड़कंप मच गया।

यह अभियान कार्यपालक मजिस्ट्रेट एवं तहसीलदार विनोद कुमार की मौजूदगी में चलाया गया। इस दौरान सार्वजनिक निर्माण विभाग (एनएच) के अधिशासी अभियंता हनुमान रतनू, सिटी पुलिस जाब्ता, टोल कर्मी और विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

टीम ने इंदिरा सर्किल फ्लाईओवर के नीचे, अमरनाथ लंगर सेवा समिति कार्यालय के बाहर, इंदिरा सर्किल तथा राजपुरा पीपेरन क्षेत्र में हाईवे सीमा के भीतर किए गए अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई की। अभियान में हाइड्रा और जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया गया।

कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को चेतावनी दी कि राष्ट्रीय राजमार्ग की सीमा में किए गए अन्य अवैध कब्जों को भी जल्द हटा लिया जाए, अन्यथा प्रशासन आगे भी सख्त कार्रवाई करेगा। अधिशासी अभियंता हनुमान रतनू ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

गौरतलब है कि प्रदेश में सड़क हादसों की बढ़ती घटनाओं के बाद राज्य सरकार ने नेशनल और स्टेट हाईवे के किनारे किए गए अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद लंबे समय तक कई क्षेत्रों में कार्रवाई नहीं हो सकी थी। हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट ने भी हाईवे किनारे अतिक्रमण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

राजस्थान हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि नेशनल और स्टेट हाईवे किनारे बने अवैध ढाबे, होटल, दुकानें और अन्य निर्माण सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन रहे हैं। अदालत ने प्रशासन को सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराने और अतिक्रमण हटाने की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि लोग स्वेच्छा से अतिक्रमण नहीं हटाते हैं तो प्रशासन बुलडोजर सहित अन्य कानूनी कार्रवाई कर सकता है।

इस मामले को लेकर पहले भी मीडिया में खबरें प्रमुखता से प्रकाशित हुई थीं, जिसके बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई तेज की गई।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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