राजस्थान के टोंक जिले के नासिरदा उपखंड में मानव तस्करी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 24 वर्षीय शंकर प्रजापत को विदेश में मोटी सैलरी वाली नौकरी का झांसा देकर थाईलैंड ले जाया गया और फिर म्यांमार में बंधक बनाकर बेच दिया गया। पीड़ित की रिपोर्ट पर नासिरदा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शंकर प्रजापत, जो नवंबर 2024 में अंडमान-निकोबार में मर्चेंट नेवी में सेकंड मास्टर के पद पर कार्यरत थे, उनकी पहचान गुरुग्राम निवासी हिमांशु गुर्जर से हुई। सितंबर 2025 में हिमांशु ने वॉट्सऐप कॉल के जरिए थाईलैंड में 80 हजार रुपए मासिक वेतन वाली नौकरी का प्रस्ताव दिया। ऑनलाइन इंटरव्यू के बाद आरोपी ने जॉब के नाम पर 50 हजार रुपए फोन-पे के माध्यम से ले लिए।
16 अक्टूबर 2025 को शंकर थाईलैंड पहुंचे। वहां से उन्हें विभिन्न वाहनों में बैठाकर म्यांमार सीमा पार कर मायावाडी क्षेत्र ले जाया गया। कुछ समय होटल में रखने के बाद उन्हें एक मकान में बंद कर दिया गया, जहां पहले से 20-25 युवक मौजूद थे। पीड़ित का आरोप है कि तीन दिन तक भोजन तक नहीं दिया गया और घर लौटने की बात करने पर आरोपी ने दो लाख रुपए की मांग की।
इसके बाद शंकर को किसी तरह थाईलैंड में सुरक्षा एजेंसियों के समक्ष आत्मसमर्पण करना पड़ा। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है। यह घटना मानव तस्करी, अंतरराष्ट्रीय अपराध और धोखाधड़ी के गंभीर मामलों में से एक है, और इसे रोकने के लिए प्रशासनिक और कानूनी उपाय किए जा रहे हैं।
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