जयपुर, राजस्थान: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के कारोबार में शामिल गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ड्रग तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए उनकी अवैध संपत्तियों की जब्ती, कुर्की और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तेज की जाए। पीआईटीएनडीपीएस के तहत भी संदिग्ध तस्करों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने गृह विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े छोटे-बड़े सभी संगठित नेटवर्क को समाप्त करना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तस्करी से जुड़े हर स्तर के लोगों पर नजर रखी जाए और उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए।
सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन निगरानी और अन्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। जिला कलक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखें और बेहतर समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई करें।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है, बल्कि यह समाज और परिवारों को भी प्रभावित करता है। इसलिए प्रदेशभर में नशे के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और आम लोगों को इस अभियान में जोड़ा जाएगा। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
साथ ही वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन और काली फिल्म पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। अपराधी इन वाहनों का उपयोग मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के लिए कर रहे हैं, जो सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते हैं।
मुख्यमंत्री की बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर ए. सावंत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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