जयपुर। राजस्थान के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में कृषि उपभोक्ताओं को वर्ष 2027 तक दिन में बिजली उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। इसी क्रम में सर्वाधिक कृषि उपभोक्ताओं वाले चित्तौड़गढ़ और टोंक जिलों के किसानों को भी दिन में दो ब्लॉक विद्युत आपूर्ति से जोड़ा गया है।
चित्तौड़गढ़ राज्य में कृषि उपभोक्ताओं की सबसे अधिक संख्या वाला जिला है, जहां अजमेर विद्युत वितरण निगम के इस सर्किल में 1.01 लाख कृषि उपभोक्ता हैं। वहीं, जयपुर डिस्कॉम के टोंक सर्किल में 34,748 कृषि उपभोक्ता हैं। इससे पहले अप्रैल माह में जयपुर विद्युत वितरण निगम के दौसा और करौली जिले इस योजना में शामिल किए गए थे। अब प्रदेश के कुल 26 जिलों में किसानों को कृषि कार्य के लिए दिन में दो ब्लॉक में बिजली आपूर्ति सुलभ हो रही है।
ऊर्जा सचिव एवं डिस्कॉम्स की चेयरमैन आरती डोगरा ने बताया कि जयपुर, जोधपुर और अजमेर विद्युत वितरण निगमों तथा प्रसारण निगम द्वारा दो ब्लॉक सप्लाई की बाधाओं को दूर करने को प्राथमिकता दी जा रही है। शेष जिलों में भी विद्युत तंत्र और ग्रिड को मजबूत किया जा रहा है। ट्रांसमिशन क्षमता एवं लाइनों के विस्तार तथा नए सब स्टेशन की स्थापना के कार्य किए जा रहे हैं।
अब किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध होने से सर्दी और वर्षा ऋतु में रात के समय सिंचाई करने की आवश्यकता नहीं होगी और वे रात में अपने परिवार के साथ समय व्यतीत कर पाएंगे।
अजमेर डिस्कॉम के 14 में से 13, जयपुर डिस्कॉम के 15 में से 10 और जोधपुर डिस्कॉम के 12 में से 3 जिलों में कृषि क्षेत्र को दिन में दो ब्लॉक बिजली उपलब्ध हो रही है। इसमें अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, डीडवाना-कुचामन, उदयपुर, सलूम्बर, प्रतापगढ़, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, झुंझुनूं, सीकर और चित्तौड़गढ़, जयपुर डिस्कॉम के धौलपुर, बूंदी, कोटा, झालावाड़, जयपुर, डीग, भरतपुर, दौसा, करौली और टोंक तथा जोधपुर डिस्कॉम के जालौर, सिरोही और पाली शामिल हैं।
दो ब्लॉक सप्लाई के लिए राज्य के विद्युत तंत्र को लगातार मजबूत किया गया है। पिछले ढाई वर्षों में 400 केवी, 220 केवी और 132 केवी के 59 ग्रिड सब स्टेशन तथा 33 केवी के 444 सब स्टेशन स्थापित किए गए हैं। चित्तौड़गढ़ जिले में 132 केवी के 2 और 33 केवी के 4 नए सब स्टेशन बनाए गए, जिससे प्रसारण और वितरण क्षमता में 563 एमवीए की वृद्धि हुई। टोंक जिले में 33 केवी के 5 नए सब स्टेशन बनाए गए और ट्रांसफार्मरों की क्षमता में 142.40 एमवीए का इजाफा हुआ।
दो ब्लॉक सप्लाई में पीएम कुसुम योजना भी अहम भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार इस योजना को तेजी से बढ़ावा दे रही है। प्रदेश के गांव-ढाणी में अब तक 4338 मेगावाट की 1967 लघु सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। टोंक जिले में 34 मेगावाट और चित्तौड़गढ़ में 46 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा प्लांट लगाए जा चुके हैं, जो किसानों को स्थायी ऊर्जा उपलब्ध कराने में सहायक हैं।
इस पहल से किसानों के जीवन और कृषि कार्य में सुधार आएगा, उनकी रात्रि जीवन गुणवत्ता बढ़ेगी और सौर ऊर्जा के माध्यम से स्थायी बिजली उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
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