राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर ने भर्ती परीक्षा में नकल कर सरकारी नौकरी पाने वाली महिला लिपिक सरोज बिश्नोई को बर्खास्त कर दिया है। सरोज बिश्नोई ने मार्च 2020 में कनिष्ठ सहायक/लिपिक ग्रेड-द्वितीय संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2018 के तहत ओबीसी वर्ग की मेरिट सूची में 17वें स्थान पर चयन प्राप्त किया और 6 वर्ष की सेवा पूरी कर चुकी थी। आयोग को गोपनीय सूत्रों से सूचना मिली कि परीक्षा से पूर्व ही उसे पेपर मिल गया था।
एसओजी ने जांच में पाया कि मुख्य आरोपी पौरव कालेर और उसके सहयोगियों ने लीक हुए पेपर के उत्तर ब्लूटूथ के माध्यम से सरोज तक पहुंचाए। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने के लिए उसने कालेर को हस्ताक्षरशुदा चेक भी दिया। आयोग ने इस मामले में राजस्थान असैनिक सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 16 के तहत विभागीय जांच शुरू की।
जांच के दौरान सरोज ने बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने के बहाने बनाकर व्यक्तिगत सुनवाई से बचने का प्रयास किया। इसके बाद उसने हाई कोर्ट में विभागीय जांच रोकने के लिए याचिका दायर की, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि आपराधिक मामला परीक्षा में नकल और साठगांठ से जुड़ा है, जबकि विभागीय आरोप पत्र सरकारी सेवा में सत्यनिष्ठा और आचरण पर आधारित है।
आयोग ने यह कार्रवाई परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने और सरकारी सेवा में अशोभनीय आचरण के खिलाफ गंभीर कदम माना है।
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