जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव 31 जुलाई 2026 तक कराने की सख्त समय सीमा तय की थी। इसके बावजूद चुनावी तैयारियों में कोई ठोस हलचल दिखाई नहीं दे रही है। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को अभी तक नया परिपत्र या विस्तृत दिशा-निर्देश जारी नहीं किया है। प्रशासनिक स्तर पर अभी भी स्थिति स्थिर नहीं है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिरकार चुनाव कब होंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने 23 दिसंबर 2025 से 24 मार्च 2026 के बीच कई आदेश जारी किए थे, लेकिन 24 मार्च के बाद चुनाव संबंधी गतिविधियां लगभग ठप हो गई हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नई कार्ययोजना सार्वजनिक नहीं की गई। चुनाव से पहले ओबीसी आरक्षण को लेकर ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसे 20 जून तक सरकार को सौंपना है।
इस रिपोर्ट के बाद ही आरक्षण और सीटों के निर्धारण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। इसके साथ ही परिसीमन और सीमांकन की प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी। 400 से अधिक ग्राम पंचायतों और अन्य स्थानीय निकायों का महत्वपूर्ण डेमोग्राफिक डेटा अभी लंबित है।
जनसंख्या और सामाजिक संरचना संबंधी आंकड़ों की अनुपलब्धता चुनावी तैयारियों में बड़ी बाधा है। आरक्षण, परिसीमन और सीमांकन के बिना चुनाव कार्यक्रम घोषित करना मुश्किल है। प्रशासनिक, तकनीकी और कानूनी चुनौतियों के कारण समय पर चुनाव कराने पर संशय बना हुआ है। जुलाई अंत तक पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए समय लगातार घट रहा है।
राजनीतिक दल और प्रशासन सभी की निगाहें राज्य निर्वाचन आयोग पर टिकी हैं, और अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 31 जुलाई 2026 से पहले पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव संभव हो पाएंगे।
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