जयपुर/दिल्ली: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसानों के लिए एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बैलों से खेती करने वाले किसानों को 30 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। यह घोषणा उन्होंने दिल्ली में आयोजित ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM) 2026 के रोड शो के दौरान की। इस पहल का उद्देश्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और छोटे किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में किसानों के संघर्ष और जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि “हमारा किसान हारी हुई जंग लड़ता है। नुकसान हो जाए, फिर भी अगली बार फसल बोता है। वह हार नहीं मानता।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और उनकी हर जरूरत को प्राथमिकता दी जा रही है।
सरकार का यह नया कदम उन किसानों के लिए राहत लेकर आया है, जो पारंपरिक और प्राकृतिक तरीकों से खेती करना चाहते हैं। बैलों से खेती को प्रोत्साहन देकर रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करने की कोशिश की जा रही है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होगी और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह योजना बेहद फायदेमंद साबित होगी, क्योंकि इससे उनकी लागत कम होगी और उत्पादन में स्थिरता आएगी।
भजनलाल शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 2 करोड़ 19 लाख पॉलिसियां जारी की गई हैं और 6500 करोड़ रुपये के क्लेम का निपटान किया गया है। इसके अलावा राज्य के 24 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिसे 2027 तक पूरे प्रदेश में लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने पशुपालकों के लिए भी कई योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अब तक 94,000 गोपालकों को 709 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। साथ ही ‘मंगला पशु बीमा योजना’ के तहत 10 लाख रुपये तक का बीमा किया जा रहा है। इस योजना में 9 लाख पशुपालकों ने 20 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण कराया है।
उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “जब पशु बीमार होता है तो किसान उससे पहले बीमार हो जाता है।” इस बयान के जरिए उन्होंने किसानों और पशुपालकों के बीच गहरे संबंध को उजागर किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि क्षेत्र में 44 हजार करोड़ रुपये के 2500 से अधिक एमओयू साइन किए गए थे, जिनमें से 751 पर काम पूरा हो चुका है। अब तक 9000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जमीन पर उतर चुका है। उन्होंने कहा कि GRAM 2026 इस निवेश को और आगे बढ़ाने का मंच बनेगा।
राजस्थान को कृषि उत्पादन में अग्रणी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य बाजरा, ग्वार, सरसों और तिल के उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। वहीं मूंगफली में दूसरा और सोयाबीन-चना में तीसरा स्थान रखता है। मसालों में जीरा और ईसबगोल में भी राजस्थान शीर्ष पर है।
उन्होंने कहा कि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाकर किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है और इस दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की यह घोषणा किसानों के लिए एक बड़ी राहत मानी जा रही है। बैलों से खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ सरकार प्राकृतिक खेती, बीमा और निवेश के जरिए कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। आने वाले समय में यह योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को टिकाऊ बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
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