राजस्थान: की राजधानी जयपुर में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर डकैती का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें बदमाशों ने 8.37 लाख रुपए लूट लिए। हालांकि पुलिस ने तेजी दिखाते हुए इस मामले का खुलासा कर दिया है और 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बोलेरो गाड़ी भी बरामद कर ली है।
डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण के अनुसार, आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को सस्ते दाम में क्रिप्टो करेंसी दिलाने का लालच दिया। इसी जाल में फंसाकर उन्होंने पीड़ित को बुलाया और फिर सुनियोजित तरीके से डकैती को अंजाम दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि बदमाशों ने पहले सोशल मीडिया के जरिए पीड़ित से संपर्क किया। उसे सस्ते रेट पर क्रिप्टो करेंसी (USTC) दिलाने का झांसा दिया गया। भरोसा दिलाने के लिए दो आरोपी पहले पीड़ित से मिले और डील की बातचीत की।
जब उन्हें यह जानकारी मिली कि पीड़ित बड़ी रकम लेकर आने वाला है, तो उन्होंने पहले से प्लानिंग के तहत अपने अन्य साथियों को बुला लिया। जैसे ही पीड़ित मौके पर पहुंचा, बदमाशों ने उसे घेर लिया और बिना कोई क्रिप्टो करेंसी दिए ही उससे 8.37 लाख रुपए छीन लिए।
डकैती को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित रवि मीणा ने 24 अप्रैल को चित्रकूट थाना में इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और आरोपियों की पहचान की। इसके बाद पुलिस टीम ने रूट चार्ट तैयार कर बदमाशों का पीछा किया और उन्हें पकड़ने में सफलता हासिल की।
पुलिस ने इस मामले में भवानी सिंह तंवर, अयान अली, योगेश कुमार उर्फ योगी, राहुल सिंह रावत, घनश्याम सिंह उर्फ मोंटी और यशवर्धन गुर्जर उर्फ यशु को गिरफ्तार किया है। ये सभी जयपुर के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं।
आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई बोलेरो गाड़ी भी बरामद कर ली गई है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे इसी तरह सोशल मीडिया के जरिए लोगों को फंसाकर लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराधी अब डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। सस्ते क्रिप्टो या निवेश के नाम पर लोगों को फंसाना एक नया ट्रेंड बनता जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति से सोशल मीडिया पर वित्तीय लेन-देन करना जोखिम भरा हो सकता है। खासकर जब बात बड़ी रकम की हो, तो सतर्कता बेहद जरूरी है।
जयपुर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के ऑनलाइन निवेश या क्रिप्टो डील में सावधानी बरतें। किसी भी अनजान व्यक्ति से मिलने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें और बड़ी रकम कैश में ले जाने से बचें।
जयपुर की यह घटना डिजिटल युग में बढ़ते नए तरह के अपराधों की ओर इशारा करती है। क्रिप्टो करेंसी जैसे नए निवेश विकल्पों के नाम पर ठगी और लूट की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इस मामले का खुलासा तो हो गया, लेकिन यह घटना आम लोगों के लिए एक चेतावनी भी है।
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