राजस्थान: की राजधानी जयपुर में सोमवार को प्रदेशभर से आए RGHS (राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) से जुड़े दवा विक्रेताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। अपनी लंबित भुगतान की मांग को लेकर एकजुट हुए केमिस्ट जब स्वास्थ्य भवन पहुंचे, तो गार्ड्स ने गेट बंद कर उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इससे नाराज दवा विक्रेताओं ने बाहर ही नारेबाजी शुरू कर दी और करीब एक घंटे तक धरना दिया।
प्रदर्शन प्रादेशिक दवा विक्रेता समिति के अध्यक्ष विवेक विजयवर्गीय के नेतृत्व में किया गया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए दवा विक्रेता अशोक नगर स्थित डियर पार्क के पास नए RGHS कार्यालय के बाहर एकत्र हुए।
जैसे ही वे स्वास्थ्य भवन के अंदर जाने लगे, सुरक्षा गार्ड्स ने गेट बंद कर दिया। इसके बाद दवा विक्रेताओं ने वहीं बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। गर्मी और धूप के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रहे दवा विक्रेताओं का कहना है कि उन्हें पिछले 11 महीनों से नियमित भुगतान नहीं मिल रहा है। कई विक्रेताओं के लाखों रुपये बकाया हैं, लेकिन उन्हें बहुत कम राशि दी जा रही है।
एक प्रदर्शनकारी ने बताया, “किसी का 2 लाख बकाया है तो उसे सिर्फ 10 हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। इस तरह काम करना मुश्किल हो गया है।”
दवा विक्रेताओं ने आरोप लगाया कि लंबे समय से भुगतान की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे पूरे सिस्टम पर संकट खड़ा हो गया है।
करीब एक घंटे के प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने दवा विक्रेताओं के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया। इस बैठक में RGHS प्रोजेक्ट डायरेक्टर निधि पटेल और राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के CEO हरजीलाल अटल मौजूद रहे।
बैठक में आश्वासन दिया गया कि लंबित भुगतान के मुद्दे पर जल्द ही प्रिंसिपल हेल्थ सेक्रेटरी और वित्त विभाग के साथ उच्च स्तरीय बैठक की जाएगी। हालांकि, दवा विक्रेताओं ने कहा कि जब तक ठोस निर्णय नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान दवा विक्रेताओं ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं:
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दवा विक्रेताओं की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो इसका असर आम जनता पर भी पड़ सकता है। RGHS योजना के तहत लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को दवाएं मिलती हैं। यदि केमिस्ट असंतुष्ट रहे या सेवाएं बंद करते हैं, तो मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
यह प्रदर्शन सरकार के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। लगातार बढ़ता असंतोष संकेत देता है कि स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार की जरूरत है।
जयपुर में RGHS दवा विक्रेताओं का प्रदर्शन सिर्फ भुगतान का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया, तो इसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं और आम जनता पर पड़ सकता है।
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