देश: में आगामी जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राजस्थान के दौसा जिले में गुरुवार को कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. सौम्या झा ने इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम की शुरुआत से पहले नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील की।
उन्होंने बताया कि जनगणना केवल जनसंख्या गिनने का काम नहीं है, बल्कि इसके आंकड़ों के आधार पर ही भविष्य की विकास योजनाएं, आधारभूत ढांचे और सरकारी नीतियां तय की जाती हैं। ऐसे में हर नागरिक का सही और समय पर डेटा देना बेहद जरूरी है।
जनगणना 2027 का पहला चरण 1 मई से 15 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान नागरिकों को खुद अपनी और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने का अवसर मिलेगा। इसे “स्वगणना” (Self Enumeration) कहा जा रहा है।
सरकार ने इसके लिए एक विशेष पोर्टल तैयार किया है, जहां लोग अपने मोबाइल नंबर के जरिए OTP प्राप्त कर लॉगिन कर सकते हैं और जरूरी जानकारी भर सकते हैं।
कलेक्टर के अनुसार, नागरिक आधिकारिक पोर्टल self-enumeration.census.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके अलावा HLO (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) ऐप के जरिए भी स्वगणना की सुविधा उपलब्ध होगी।
जब कोई परिवार अपनी जानकारी सफलतापूर्वक दर्ज कर लेगा, तो उसे 11 अंकों की एक यूनिक SE (Self Enumeration) ID प्राप्त होगी। यह ID बेहद महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि बाद में घर-घर आने वाले प्रगणकों को यही ID दिखानी होगी।
स्वगणना के बाद अगला चरण फील्ड वेरिफिकेशन का होगा, जिसमें सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी की पुष्टि करेंगे।
दौसा जिले में इस काम के लिए कुल 3157 प्रगणक नियुक्त किए गए हैं। जिले में करीब 5 लाख से अधिक परिवार हैं, ऐसे में हर प्रगणक को लगभग 150 घरों का सत्यापन करना होगा।
कलेक्टर डॉ. सौम्या झा ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि जनगणना के दौरान दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। इनका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण के लिए ही किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि नागरिक बिना किसी डर या संकोच के सही जानकारी दें, ताकि विकास योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके।
जनगणना देश का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण डेटा संग्रह अभियान है। इसके जरिए सरकार को यह पता चलता है कि किस क्षेत्र में कितनी आबादी है, वहां की जरूरतें क्या हैं और किन योजनाओं की सबसे ज्यादा आवश्यकता है।
इसी आधार पर स्कूल, अस्पताल, सड़क, बिजली, पानी जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जाता है। इसके अलावा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी जनगणना के आंकड़ों पर निर्भर करता है।
प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।
कलेक्टर ने कहा कि यदि सभी लोग समय पर और सही जानकारी देंगे, तो यह अभियान सफल होगा और जिले के विकास को नई दिशा मिलेगी।
जनगणना 2027 केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के भविष्य की योजना बनाने का आधार है। ऐसे में हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह इसमें भाग लेकर सही जानकारी दे और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे।
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