जयपुर। बार काउंसिल ऑफ राजस्थान (BCR) चुनावों में पिछले दिनों हुई अव्यवस्था और धांधली के आरोपों के बाद सोमवार को चार मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग कराई गई। जयपुर हाईकोर्ट पीठ, जयपुर सेशन कोर्ट, जोधपुर सेशन कोर्ट और श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक री-पोलिंग शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।
22 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान कई केंद्रों पर अव्यवस्था, धक्का-मुक्की और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे। इसके बाद हाई पावर्ड इलेक्शन कमेटी ने इन चार केंद्रों पर मतदान रद्द कर दोबारा चुनाव कराने का फैसला लिया था।
री-पोलिंग के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान जयपुर हाईकोर्ट पीठ पर रहा, जहां कुल 14,781 मतदाता पंजीकृत हैं। पिछली बार यहां मतदान के दौरान भारी भीड़, सुरक्षा में कमी और धांधली के आरोप लगे थे।
इसी को देखते हुए इस बार प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए। वोटिंग के लिए दो अलग-अलग बूथ बनाए गए ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और मतदान प्रक्रिया सुचारू बनी रहे।
हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा के लिए करीब 350 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। इसके अलावा पूरे परिसर में 80 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए और निगरानी के लिए पांच बड़ी LED स्क्रीन पर लाइव फुटेज दिखाई गई।
चुनाव को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए हाई पावर्ड इलेक्शन कमेटी ने कड़े नियम लागू किए। मतदान केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के प्रचार पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया।
मतदान केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन, कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को ले जाने की अनुमति नहीं थी। केवल अधिकृत मतदाताओं को ही प्रवेश दिया गया।
जयपुर हाईकोर्ट में वोट डालने आने वाले वकीलों को सिर्फ गेट नंबर-3 से एंट्री दी गई। साथ ही पूरे चुनाव की निगरानी के लिए 20 वरिष्ठ अधिवक्ताओं की विशेष कमेटी भी गठित की गई थी।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार मतदान समाप्त होने के बाद सभी मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा के बीच जोधपुर भेजा जाएगा, जहां मतगणना की प्रक्रिया पूरी होगी।
पिछली बार सामने आई शिकायतों को देखते हुए प्रशासन इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहता था। इसलिए हर मतदान केंद्र पर पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई।
श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर में भी बार काउंसिल चुनाव के लिए दोबारा मतदान कराया गया। सुबह से ही अधिवक्ताओं की लंबी कतारें मतदान केंद्र के बाहर देखी गईं।
चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए उपखंड अधिकारी को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी लगाया गया।
स्थानीय अधिवक्ताओं ने कहा कि इस बार मतदान प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी रही।
बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चुनाव को लेकर प्रदेशभर के अधिवक्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। यह चुनाव राज्य की कानूनी व्यवस्था और अधिवक्ताओं के प्रतिनिधित्व के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है।
जयपुर और जोधपुर जैसे बड़े केंद्रों पर मतदान के दौरान वकीलों की भारी भीड़ दिखाई दी। कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई कि इस बार चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरा होगा।
22 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान कई मतदान केंद्रों पर भारी अव्यवस्था की शिकायतें मिली थीं। आरोप था कि कुछ जगहों पर मतदाताओं की पहचान प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई, जबकि कई बूथों पर धक्का-मुक्की और अव्यवस्थित भीड़ के कारण मतदान प्रभावित हुआ।
इन शिकायतों के बाद चुनाव समिति ने जांच कर चार केंद्रों का मतदान रद्द कर री-पोलिंग कराने का फैसला लिया था।
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