हरियाणा: के नूंह जिले में मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे पर धुलावट टोल प्लाजा के पास एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसा इतना भयावह था कि कार में सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों के रूप में हुई है, जो जालौन जिले में तैनात थे।
घटना सुबह करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और राहत दल मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया गया। दुर्घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया और आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रारंभिक जांच के अनुसार स्कॉर्पियो कार पलवल की ओर से आ रही थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि वाहन चालक ने तेज रफ्तार में आगे चल रहे वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी दौरान चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और स्कॉर्पियो सामने चल रही दूसरी गाड़ी से जा टकराई।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए। वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें बैठे सभी लोग अंदर ही बुरी तरह फंस गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। आसपास मौजूद लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
भीषण टक्कर के कारण स्कॉर्पियो में सवार पांचों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयानक था कि शवों को बाहर निकालने में पुलिस और राहत दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
घटनास्थल की तस्वीरें बेहद दर्दनाक थीं। स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया था। पुलिस ने गैस कटर और अन्य उपकरणों की मदद से वाहन में फंसे शवों को बाहर निकाला।
मौके पर पहुंचे लोगों ने बताया कि हादसे के बाद कुछ समय तक एक्सप्रेसवे पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

तावड़ू सदर थाना प्रभारी शीशराम यादव ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान थे। वे जालौन जिले में तैनात थे और किसी काम से यात्रा कर रहे थे।
पुलिस ने इस हादसे की जानकारी जालौन पुलिस अधीक्षक को भी दे दी है। फिलहाल मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में भी शोक की लहर दौड़ गई है।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और एंबुलेंस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने एक्सप्रेसवे पर यातायात को कुछ समय के लिए रोक दिया ताकि राहत कार्य आसानी से किया जा सके।
बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात को सामान्य कराया गया।
पुलिस की शुरुआती जांच में हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार और लापरवाही से ओवरटेक करना बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर तेज गति से वाहन चलाने और अचानक लेन बदलने के कारण अक्सर बड़े हादसे हो जाते हैं। KMP एक्सप्रेसवे पर पहले भी कई गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे हाईवे और एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करें और जल्दबाजी में ओवरटेक करने से बचें।
देशभर में एक्सप्रेसवे और हाईवे पर सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। तेज रफ्तार, थकान, गलत दिशा में वाहन चलाना और ओवरटेकिंग जैसी वजहें अधिकतर दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा नियमों को लेकर जागरूकता बढ़ाने और सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
नूंह जिले के KMP एक्सप्रेसवे पर हुआ यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही के खतरनाक परिणामों को सामने लाता है। पांच पुलिसकर्मियों की मौत ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। यह घटना सभी वाहन चालकों के लिए चेतावनी है कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
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