हालांकि पायलट की सूझबूझ और सतर्कता के चलते करीब 7 मिनट बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग करा ली गई और एक बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-1494 मंगलवार दोपहर बेंगलुरु से जयपुर पहुंची थी।
दोपहर करीब 12 बजकर 35 मिनट पर विमान जयपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के लिए एप्रोच कर रहा था। विमान रनवे के बेहद करीब पहुंच चुका था और उसने रनवे को टच भी कर लिया था।
इसी दौरान पायलट को महसूस हुआ कि विमान की एप्रोच पूरी तरह स्थिर नहीं है। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए पायलट ने तुरंत “गो-अराउंड” प्रक्रिया अपनाने का फैसला लिया।
इसके बाद विमान को दोबारा ऊंचाई पर ले जाकर रनवे से दूर किया गया।
एविएशन की भाषा में “गो-अराउंड” एक स्टैंडर्ड सेफ्टी प्रक्रिया मानी जाती है।
जब किसी विमान की लैंडिंग के दौरान स्पीड, एंगल या रनवे अलाइनमेंट सही नहीं होता, तब पायलट लैंडिंग रोककर विमान को दोबारा हवा में ले जाता है।
इस प्रक्रिया का मकसद यात्रियों और विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है।
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई असामान्य स्थिति नहीं होती, बल्कि पायलट की सतर्कता और प्रोफेशनल निर्णय का हिस्सा है।
गो-अराउंड के बाद विमान कुछ देर तक एयरपोर्ट के आसपास हवा में चक्कर लगाता रहा।
करीब 7 मिनट बाद पायलट ने दोबारा लैंडिंग की कोशिश की और इस बार विमान को सुरक्षित तरीके से रनवे पर उतार लिया गया।
जैसे ही विमान सुरक्षित उतरा, यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने राहत की सांस ली।
बताया जा रहा है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) लगातार पायलट के संपर्क में था।
विमान के अचानक दोबारा उड़ान भरने से कुछ यात्रियों में घबराहट देखने को मिली।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई यात्रियों को लगा कि विमान में कोई तकनीकी खराबी आ गई है। हालांकि क्रू मेंबर्स ने स्थिति को संभालते हुए यात्रियों को शांत रहने की अपील की।
कुछ देर बाद जब विमान सुरक्षित उतर गया तो यात्रियों ने पायलट की तारीफ की।
एविएशन एक्सपर्ट सोहन सिंह नाथावत ने बताया कि गो-अराउंड प्रक्रिया पूरी तरह सामान्य और सुरक्षित प्रक्रिया है।
उन्होंने कहा,
“अगर पायलट को लैंडिंग के दौरान जरा भी अस्थिरता महसूस होती है, तो गो-अराउंड करना अनिवार्य होता है। यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा के लिए लिया जाता है।”
उनके मुताबिक पायलट का समय पर लिया गया फैसला किसी भी संभावित खतरे को टालने में मददगार साबित हुआ।
बताया जा रहा है कि एयर इंडिया एक्सप्रेस की यह फ्लाइट बोइंग 737 विमान थी, जिसमें करीब 150 यात्री सवार थे।
घटना के दौरान किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और सभी सुरक्षित हैं।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई और कोई आपात स्थिति नहीं बनी।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा में आ गया।
कई लोगों ने पायलट की सूझबूझ की तारीफ की, जबकि कुछ यात्रियों ने इसे बेहद डरावना अनुभव बताया।
जयपुर एयरपोर्ट पर एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट का गो-अराउंड करना भले ही यात्रियों के लिए कुछ मिनटों का तनाव लेकर आया, लेकिन पायलट की सतर्कता ने संभावित खतरे को टाल दिया। यह घटना बताती है कि एविएशन में सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी होता है।
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