जयपुर: में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए डोटासरा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र को “लूटा गया” और भाजपा अब राजस्थान में भी वैसी ही रणनीति अपनाने की तैयारी कर रही है।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को पूरा भरोसा है कि जैसे बंगाल में कथित धांधली और एजेंसियों के दुरुपयोग के जरिए सत्ता हासिल की गई, वैसे ही राजस्थान में भी चुनाव प्रभावित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश में विकास कार्यों पर ध्यान देने के बजाय केवल राजनीतिक षड्यंत्रों में लगी हुई है।
कांग्रेस नेता ने कहा, “हम जान दे सकते हैं, लेकिन संविधान और लोकतंत्र पर आंच नहीं आने देंगे। जिस तरह पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया, वैसा राजस्थान में नहीं होने देंगे।”
डोटासरा ने पश्चिम बंगाल चुनाव में SIR प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक करोड़ 36 लाख लोगों को नोटिस भेजे गए और करीब 20 लाख मतदाताओं को वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया। उनका दावा था कि इन लोगों को अपील करने का उचित मौका भी नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों के साथ भेदभाव किया और बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले किए गए। डोटासरा ने सवाल उठाया कि क्या भाजपा शासित राज्यों में भी चुनाव आयोग इसी तरह अधिकारियों को हटाने की कार्रवाई करता है?
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में मुख्य सचिव और डीजीपी तक बदल दिए गए। इतना ही नहीं, वोटिंग से ठीक पहले ईडी की कार्रवाई कर प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाया गया। उनके मुताबिक यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।
डोटासरा ने भाजपा पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव जीतने के लिए सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि जनता के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश हुई है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और विपक्षी दल आने वाले समय में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए मजबूती से लड़ाई लड़ेंगे। राजस्थान में भी चुनाव प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ कराने के लिए पार्टी लगातार निगरानी रखेगी।
मीडिया से बातचीत के दौरान डोटासरा ने राजस्थान सरकार को SI भर्ती और पेपर लीक मामलों पर भी घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लगातार दावा करती रही कि पेपर लीक माफियाओं पर कार्रवाई होगी, लेकिन ढाई साल बाद भी दोषियों पर निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि जिन निर्दोष युवाओं ने मेहनत से परीक्षा पास की, उनके भविष्य को लेकर सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रही है, जबकि युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
डोटासरा ने जगदीश बिश्नोई का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा नेता बार-बार दावा कर रहे थे कि बड़े खुलासे होंगे और कई लोग जेल जाएंगे, लेकिन अब वही आरोपी जमानत पर बाहर आ चुका है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रही थी।
उन्होंने कहा कि जनता अब भाजपा की राजनीति को समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब चुनाव में मिलेगा।
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के बाद देशभर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राजस्थान में भी कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं। कांग्रेस जहां चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बता रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और भी तेज हो सकते हैं। फिलहाल डोटासरा के बयान ने राजस्थान की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
गोविंद सिंह डोटासरा के बयान ने पश्चिम बंगाल चुनाव और राजस्थान की राजनीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस जहां चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रही है, वहीं भाजपा इन आरोपों को राजनीतिक निराशा बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।
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