राजस्थान: की राजधानी जयपुर एक बार फिर भारतीय सेना के बड़े आयोजन का गवाह बनने जा रही है। भारतीय सेना पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऐतिहासिक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ जयपुर में मनाने जा रही है। इस खास मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम का आयोजन जयपुर स्थित साउथ वेस्टर्न कमांड यानी सप्त शक्ति कमांड में किया जाएगा।
सेना की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम को बेहद खास और हाई-प्रोफाइल माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इस दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित एक विशेष फिल्म भी रिलीज की जाएगी, जिसमें ऑपरेशन से जुड़े कई रियल फुटेज शामिल होंगे। यह फिल्म भारतीय सेना की रणनीति, साहस और सीमाओं पर किए गए सैन्य अभियान की कहानी दुनिया के सामने रखेगी।
भारतीय सेना ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। यह ऑपरेशन देश की सुरक्षा और सीमाओं की मजबूती के लिहाज से बेहद अहम माना गया था। राजस्थान की लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा, रणनीतिक सैन्य ठिकानों और संवेदनशील सीमावर्ती जिलों की वजह से यह ऑपरेशन राजस्थान-केंद्रित माना गया।
सूत्र बताते हैं कि ऑपरेशन के दौरान सेना ने कई संवेदनशील गतिविधियों को अंजाम दिया था, जिन्हें अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया था। पहली वर्षगांठ पर जारी होने वाली फिल्म में इन्हीं घटनाओं और ऑपरेशन की तैयारियों को दिखाया जाएगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे जयपुर पहुंचेंगे। इसके बाद वे खातीपुरा स्थित सप्त शक्ति कमांड में तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ मीडिया को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में थल सेना, वायु सेना और नौसेना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।
शाम 5 बजे ऑपरेशन सिंदूर पर बनी विशेष फिल्म रिलीज की जाएगी। सेना के सूत्रों के अनुसार फिल्म में कई ऐसे दृश्य हैं, जिन्हें ऑपरेशन के दौरान वास्तविक परिस्थितियों में शूट किया गया था। यह फिल्म सेना की कार्यशैली, तकनीक और जवानों की बहादुरी को दर्शाएगी।
जयपुर पिछले कुछ वर्षों में सेना के बड़े आयोजनों का केंद्र बनता जा रहा है। इसी साल जनवरी में आर्मी डे परेड भी जयपुर में आयोजित की गई थी। यह पहली बार था जब आर्मी डे परेड को सेना क्षेत्र से बाहर आम जनता के बीच आयोजित किया गया था।
जगतपुरा स्थित महल रोड पर हुई उस परेड में सेना के टैंक, मिसाइल सिस्टम, हेलीकॉप्टर और अत्याधुनिक हथियारों का प्रदर्शन किया गया था। लाखों लोगों ने सेना की ताकत और शौर्य को करीब से देखा था।
सेना के अधिकारियों का मानना है कि राजस्थान और खासतौर पर जयपुर की सामरिक अहमियत को देखते हुए ऐसे आयोजनों का यहां होना बेहद महत्वपूर्ण है। इससे आम जनता और सेना के बीच जुड़ाव भी मजबूत होता है।
रक्षा मंत्री और सेना प्रमुखों के जयपुर दौरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस, सेना और खुफिया एजेंसियां संयुक्त रूप से पूरे आयोजन की मॉनिटरिंग कर रही हैं।
एयरपोर्ट से लेकर सप्त शक्ति कमांड तक सुरक्षा का विशेष प्लान तैयार किया गया है। शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया जा सकता है।
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ सिर्फ एक सैन्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की सैन्य ताकत और रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन भी मानी जा रही है। इस कार्यक्रम के जरिए सेना अपने उस अभियान को याद करेगी, जिसने सीमाओं पर सुरक्षा को नई मजबूती दी थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस आयोजन से सेना का मनोबल और मजबूत होगा, साथ ही युवाओं में देशभक्ति की भावना को भी बढ़ावा मिलेगा।
जयपुर में आयोजित होने जा रहा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का यह विशेष कार्यक्रम भारतीय सेना के साहस, रणनीति और देशभक्ति का प्रतीक बनने जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेना प्रमुखों की मौजूदगी इसे और ऐतिहासिक बनाएगी। वहीं ऑपरेशन से जुड़ी रियल फुटेज वाली फिल्म लोगों को सेना के अदृश्य संघर्ष और बलिदान की झलक दिखाएगी।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.