ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब शहर में सफर करना पहले से ज्यादा आसान, सस्ता और सुविधाजनक होने वाला है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहर में सिटी बस सेवा शुरू करने को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत 15 इलेक्ट्रिक बसें चार अलग-अलग रूट पर चलाई जाएंगी, जिससे शहर के विभिन्न इलाकों को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानी जेवर एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा।
प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में इस महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दी गई। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी। इससे निजी वाहनों और महंगी कैब सेवाओं पर निर्भरता भी कम होगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शुरुआती चरण में 15 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी है। इन बसों का संचालन उत्तर प्रदेश स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (UPSRTC) द्वारा किया जाएगा।
यह सेवा फिलहाल 6 महीने के ट्रायल आधार पर शुरू की जाएगी। यदि यात्रियों की संख्या और सेवा का रिस्पॉन्स बेहतर रहा, तो आगे बसों की संख्या और रूट दोनों बढ़ाए जा सकते हैं।
प्राधिकरण का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहर में प्रदूषण कम होगा और लोगों को पर्यावरण अनुकूल यात्रा सुविधा मिलेगी।
नई बस सेवा का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग हिस्सों से सीधे जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान हो जाएगा। वर्तमान में एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए लोगों को निजी वाहन या महंगी टैक्सी सेवाओं का सहारा लेना पड़ता है।
अब इन बसों के जरिए कम खर्च में एयरपोर्ट तक पहुंचा जा सकेगा। खासतौर पर छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।

प्राधिकरण ने चार प्रमुख रूट तय किए हैं, जिन पर ये इलेक्ट्रिक बसें संचालित होंगी।
चार मूर्ति चौक से शुरू होकर सूरजपुर टी-पॉइंट, परी चौक होते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाएगा।
चार मूर्ति चौक से 130 मीटर रोड और जिम्स (GIMS) के रास्ते एयरपोर्ट तक पहुंचेगा।
मकौड़ा गोलचक्कर से नॉलेज पार्क, इंडिया एक्सपो मार्ट और सेक्टर P-7 होते हुए एयरपोर्ट तक संचालित होगा।
इंडस्ट्रियल सेक्टर-16 से तिलपता, स्वर्णनगरी, यथार्थ अस्पताल और जीबीयू (गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय) होते हुए एयरपोर्ट तक जाएगा।
इन रूट्स के जरिए शहर के प्रमुख आवासीय, शैक्षणिक और औद्योगिक क्षेत्रों को एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक, इस बस सेवा पर शुरुआती 6 महीनों में लगभग 1.80 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह पूरा खर्च ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा वहन किया जाएगा।
प्राधिकरण का उद्देश्य शहर में बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है, ताकि ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या को कम किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि सिटी बस सेवा शुरू होने से ग्रेटर नोएडा में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे जेवर एयरपोर्ट के आसपास तेजी से हो रहे विकास को भी मजबूती मिलेगी।
साथ ही, छात्रों, कर्मचारियों और यात्रियों के लिए सफर आसान होने से शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी फायदा मिलेगा।
प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में बस सेवा के अलावा कई अन्य विकास परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई।
टेकजोन क्षेत्र में मेघालय भवन के निर्माण के लिए 8000 वर्ग मीटर जमीन आवंटित की गई है। इसके अलावा कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट को भी हरी झंडी दी गई है, जिसे AFC इंडिया के सहयोग से लागू किया जाएगा।
सिटी बस सेवा की घोषणा के बाद ग्रेटर नोएडा के लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जरूरत महसूस की जा रही थी और अब यह सुविधा मिलने से रोजाना सफर काफी आसान हो जाएगा।
ग्रेटर नोएडा में शुरू होने जा रही इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा शहर की पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को नया आयाम देने वाली है। 15 इलेक्ट्रिक बसों के जरिए शहर के प्रमुख इलाकों को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रा आसान, सस्ती और पर्यावरण के अनुकूल बनेगी।
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