यूपी से राजस्थान तक फिर रफ्तार पकड़ेगा 'अटल एक्सप्रेसवे

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राजस्थान के कोटा दौरे के दौरान प्रदेश के लिए कई बड़ी सड़क एवं इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की घोषणा की। मुकुंदरा टनल और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करने के बाद गोपालपुरा (कोटा) में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कोटा से इटावा (उत्तर प्रदेश) तक प्रस्तावित चंबल एक्सप्रेसवे का नाम अब 'अटल एक्सप्रेसवे' होगा और इस परियोजना का निर्माण कार्य जल्द दोबारा शुरू किया जाएगा।

करीब 15,000 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे परियोजना होगी। यह मार्ग कोटा, झालावाड़, भवानीमंडी और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों को बेहतर सड़क संपर्क देगा। ग्वालियर, जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मभूमि है, उसी के सम्मान में इस एक्सप्रेसवे का नाम 'अटल एक्सप्रेसवे' रखा गया है। तकनीकी कारणों से रुकी यह परियोजना अब फिर से गति पकड़ने जा रही है।

कोटा के लिए कई नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी

गडकरी ने कोटा क्षेत्र के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की भी घोषणा की—

  • दरा क्षेत्र में 10 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड का निर्माण होगा।
  • इस परियोजना पर 551 करोड़ रुपये खर्च होंगे और तीन महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • कोटा–बारां–भानपुरा कॉरिडोर पर लगभग 51 किलोमीटर फोरलेन सड़क विकसित की जाएगी।
  • क्षेत्रीय विकास से जुड़े प्रस्तावों को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया गया।

"आप मांगते-मांगते थक जाएंगे, मैं देते-देते नहीं थकूंगा"

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार राजस्थान के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा,

"आप मांगते-मांगते थक जाएंगे, मैं देते-देते नहीं थकूंगा।"

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भी दिया बड़ा अपडेट

गडकरी ने बताया कि करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये की लागत से बन रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे में जहां भी सुधार की आवश्यकता होगी, वहां तेजी से काम किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली से मुंबई (नरीमन पॉइंट) तक की यात्रा लगभग 12 घंटे में पूरी की जा सकेगी।

उद्योग, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल बेहतर सड़कें बनाना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। नए एक्सप्रेसवे बनने से—

  • औद्योगिक निवेश बढ़ेगा,
  • पर्यटन को नई गति मिलेगी,
  • लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी,
  • और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आधुनिक सड़क और परिवहन नेटवर्क को विकसित करने का अभियान लगातार जारी है और राजस्थान भी इसका प्रमुख लाभार्थी बन रहा है।

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