राजस्थान की राजधानी जयपुर अपनी ऐतिहासिक हवेलियों और समृद्ध विरासत के लिए जानी जाती है, लेकिन इन दिनों शहर की दो 200 साल पुरानी हवेलियां कथित खजाने को लेकर चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। मामला माणक चौक थाना क्षेत्र का है, जहां दो अलग-अलग हवेलियों में खुदाई के दौरान बहुमूल्य खजाना मिलने और उसके गायब होने के आरोप लगाए गए हैं।
पहला मामला त्रिपोलिया बाजार स्थित एक पुश्तैनी हवेली का है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान खुदाई में लगभग 45 किलो चांदी, सोने के सिक्कों से भरे 15 कलश और करीब 10 हजार चांदी के सिक्के मिले थे। आरोप है कि ठेकेदार और कुछ मजदूरों ने कथित रूप से यह खजाना आपस में बांट लिया और हवेली मालिक को इसकी जानकारी नहीं दी। यह मामला मजदूरों के बीच हिस्सेदारी को लेकर हुए विवाद के बाद सामने आया।
दूसरा मामला प्रसिद्ध 'बंबई वालों की हवेली' से जुड़ा है। परिवार का दावा है कि खुदाई के दौरान दो पुरानी तिजोरियां मिलीं। आरोप है कि एक छोटी तिजोरी को ठेकेदार और जेसीबी चालक अपने साथ ले गए, जबकि दूसरी तिजोरी मौके पर खोली गई। वहीं हवेली के वर्तमान मालिक ने इन सभी दावों को खारिज करते हुए कहा कि तिजोरी में केवल मलबा था और किसी भी प्रकार का खजाना नहीं मिला।
माणक चौक थाना पुलिस ने पहले मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों से पूछताछ की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई सामने लाई जाएगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में कोई खजाना मिला था या फिर यह केवल दावों और आरोपों का मामला है।
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