राजस्थान में चांदीपुरा वायरस (CHPV) के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। डूंगरपुर और सिरोही जिले की दो बच्चियों की गुजरात में इलाज के दौरान मौत हो गई। जांच रिपोर्ट में दोनों के चांदीपुरा वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद राजस्थान सरकार ने सीमावर्ती जिलों में निगरानी और स्वास्थ्य सेवाओं को और सख्त कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, डूंगरपुर जिले के रतनपुरा गांव में छह वर्षीय बच्ची और सिरोही जिले की दो वर्षीय बच्ची का गुजरात के अस्पतालों में इलाज चल रहा था। संक्रमण की पुष्टि के बाद दोनों की मौत हो गई। इसके बाद डूंगरपुर, सिरोही और आसपास के इलाकों में रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को तैनात किया गया है। घर-घर सर्वे कर 15 वर्ष तक के बच्चों की जांच की जा रही है और तेज बुखार, उल्टी, दौरे या बेहोशी जैसे लक्षणों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
चांदीपुरा वायरस मुख्य रूप से सैंड फ्लाई (रेत-मक्खी) के काटने से फैलता है और यह बच्चों में तेजी से गंभीर रूप ले सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह वायरस मस्तिष्क को प्रभावित कर सकता है, इसलिए लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी है। फिलहाल इस वायरस के लिए कोई विशेष दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है और इलाज मुख्य रूप से लक्षणों के आधार पर किया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि घर और आसपास साफ-सफाई रखें, बच्चों को कीटों के काटने से बचाएं, मच्छरदानी का उपयोग करें और बुखार या न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और घबराने की बजाय सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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