जयपुर। राजस्थान सरकार ने नशे के अवैध कारोबार पर निर्णायक प्रहार करने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र (NCORD) की बैठक में ड्रग माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए गए। बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में ड्रग्स से जुड़े 10 प्रमुख मामलों की पहचान की जाए और 5 कुख्यात ड्रग माफियाओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। ऐसे अपराधियों की अवैध संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई भी तेज होगी। उन्होंने सभी पुलिस थानों में एक साथ विशेष अभियान चलाकर जब्त किए गए ड्रग्स को नष्ट करने के निर्देश दिए।
बैठक में केंद्र सरकार की 'डिटेक्ट–डिसरप्ट–डेस्ट्रॉय' नीति के तहत पूरे ड्रग नेटवर्क को खत्म करने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने मजबूत चार्जशीट, प्रभावी पैरवी और दोषियों को शीघ्र सजा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही तीन या अधिक मामलों वाले अपराधियों के प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण, जब्त वाहनों की शीघ्र नीलामी और वर्ष 2026-29 के लिए जीरो टॉलरेंस ड्रग पॉलिसी तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। सरकार का उद्देश्य नशा तस्करी पर सख्त अंकुश लगाकर युवाओं को सुरक्षित और नशामुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है।
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