राजस्थान में डीएनटी समाज ने आरक्षण की मांग को लेकर जेल भरो आंदोलन किया

राजस्थान में राष्ट्रीय पशुपालक संघ, डीएनटी संघर्ष समिति और मूल ओबीसी महापंचायत के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को जेल भरो आंदोलन आयोजित किया गया। इस आंदोलन में हजारों आंदोलनकारी सड़क पर उतरकर सरकार के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए अपनी एकजुटता का प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलन के तहत निकाली गई रैली शहर के मुख्य मार्गों से होकर जिला कलक्टर कार्यालय पहुंची। वहां सरकार की उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया और प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन सौंपा।

अध्यक्ष लालजी राईका ने बताया कि इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू डीएनटी समाज की 11 सूत्रीय जायज मांगें पूरी करवाना है। प्रमुख मांगों में डीएनटी समाज के लिए 10 प्रतिशत अलग आरक्षण, राजनीतिक भागीदारी, आवास के लिए पट्टे और जमीन की व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाएं शामिल हैं। राजस्थान में डीएनटी समाज की जनसंख्या लगभग 1.23 करोड़ है, जो कुल आबादी का 15 प्रतिशत है।

सह-अध्यक्ष रतन नाथ कालबेलिया ने बताया कि यह आंदोलन पिछले दो वर्षों से लगातार चल रहा है। पूर्व में बालराई (पाली) में आयोजित महा-पड़ाव के बाद सरकार ने प्रतिनिधिमंडल से वार्ता करने का वादा किया था और तीन महीने का समय मांगा था, लेकिन पांच महीने से अधिक का समय बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। सरकार ने डीएनटी समाज पर दमनकारी नीति अपनाई और 78 सक्रिय आंदोलनकारियों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए, जबकि छह प्रमुख नेताओं को 18 दिन जेल में रखा गया।

राष्ट्रीय पशुपालक संघ के जिलाध्यक्ष दीपक रेबारी ने युवाओं को अपने हक के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया। सह-अध्यक्ष कालूराम योगी ने बताया कि अब आंदोलन में केवल डीएनटी समाज ही नहीं बल्कि अन्य वंचित वर्ग जैसे वंचित ओबीसी, वंचित एससी और वंचित एसटी भी शामिल हैं। युवा अध्यक्ष भरत सराधना ने कानूनी पहलुओं की ओर ध्यान आकर्षित किया।

संस्थापक उपाध्यक्ष भीखू सिंह राईका ने “दोस्त प्लस” मॉडल की रूपरेखा साझा की। इस मॉडल के तहत चार प्रमुख स्तंभ—डीएनटी, वंचित ओबीसी, वंचित एससी और वंचित एसटी—संगठित होकर राज्य और देश में न्यायपूर्ण और पारदर्शी आरक्षण व्यवस्था लागू करवाने के लिए एकजुट हुए हैं। आंदोलन में राज्य के सभी प्रगतिशील और न्यायप्रिय समाजों को आमंत्रित किया गया है, जो समानता और सामाजिक न्याय के पक्षधर हैं।

इस पूरे आंदोलन का उद्देश्य राज्य और केंद्र सरकार से डीएनटी समाज के लिए आरक्षण, अधिकार और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है, और युवा तथा समाजजन इसे पूरे उत्साह और संकल्प के साथ जारी रख रहे हैं।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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