दौसा में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी, रिक्त पदों पर चिंता

राजस्थान के दौसा जिले में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी एक बड़ी चुनौती बन गई है। स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में स्वीकृत 4,13,470 पदों में से 1,19,114 पद रिक्त हैं। इनमें 48,296 वरिष्ठ अध्यापक और 15,921 व्याख्याता पद खाली हैं। इसके अलावा 6,156 प्रधानाचार्य, 1,188 उप-प्रधानाचार्य और 24,266 सहायक कर्मचारियों के पद भी रिक्त हैं। शाला दर्पण आंकड़ों के अनुसार, राज्य की 5,771 सरकारी स्कूलें बिना संस्था प्रधान के संचालित हो रही हैं।

सरकार ने 2024 और 2025 में विभिन्न पदों पर भर्तियां शुरू की हैं, लेकिन रिक्त पदों की तुलना में यह संख्या पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अध्यापक से वरिष्ठ अध्यापक और वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता पदों पर लंबित पदोन्नतियां समय पर हों और नियमित रूप से सीधी भर्ती की जाए, तो रिक्त पदों की संख्या तेजी से घट सकती है। वर्तमान में अध्यापक से वरिष्ठ अध्यापक की छह सत्रों तथा वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता की एक सत्र की पदोन्नति लंबित है।

जिला शिक्षा अधिकारी अशोक शर्मा के अनुसार, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति, पदोन्नति और स्थानांतरण सरकार के स्तर का मामला है। हालांकि जिले के कई विद्यालयों में संस्था प्रधानों के रिक्त पदों के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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