उदयपुर में भावुक कर देने वाली कहानी, परिजनों ने छोड़ा तो दोस्तों ने निभाया साथ

उदयपुर शहर से एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां राजेंद्र नगर गायरियावास निवासी कमलेश अग्रवाल को उसके परिजनों ने दिसंबर 2025 में घर से बेदखल कर दिया था। परिवार से अलग होने के बाद कमलेश ने फुटपाथ और खुले आसमान के नीचे जीवन बिताया, लेकिन इस कठिन समय में उसके दोस्तों ने उसका पूरा साथ निभाया।

कमलेश के दोस्त राहुल सालवी, दिलीप कृष्णावत, हितेष सालवी और काव्य वसीटा ने उसे सहारा दिया, एक बाइक उपलब्ध करवाई और रेपिडो आईडी दिलाकर उसे रोजगार से जोड़ने की कोशिश की, ताकि वह अपना जीवन यापन कर सके। बीमारी के दौरान भी दोस्तों ने उसका इलाज करवाया और अस्पताल से लेकर भोजन तक हर जरूरत का ध्यान रखा।

कुछ समय बाद कमलेश की तबीयत बिगड़ने पर वह जिंदगी की जंग हार गया। उसकी मृत्यु के बाद परिजनों को सूचना दी गई, लेकिन शुरुआत में कोई आगे नहीं आया, जिसके चलते शव को मुर्दाघर में रखा गया। इस दौरान भी उसके दोस्त अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाने की तैयारी में जुटे रहे।

हालांकि, बाद में परिजन मुर्दाघर पहुंचे और बिना दोस्तों को सूचना दिए शव अपने साथ ले गए। इस घटना से कमलेश के दोस्तों को गहरा भावनात्मक आघात लगा, क्योंकि वे उसके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। उनका कहना है कि उन्होंने हर मुश्किल घड़ी में उसका साथ दिया, लेकिन अंतिम विदाई का मौका नहीं मिल पाया।

कमलेश द्वारा पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में भी उसने अपने जीवन के दर्द और परिवार से अलगाव की बात कही थी, साथ ही यह इच्छा जताई थी कि उसकी मृत्यु के बाद उसके दोस्त ही अंतिम संस्कार करें। दोस्तों का कहना है कि वह वीडियो उसकी अकेलेपन और संघर्ष की दर्दनाक कहानी बयां करता है, लेकिन उसकी अंतिम इच्छा पूरी नहीं हो सकी।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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