एसीबी के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद डीआईजी ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन और एएसपी भूपेन्द्र के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान 40 हजार रुपए की मांग के बाद 35 हजार रुपए में रिश्वत की राशि तय होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद गुरुवार को एसीबी जयपुर नगर प्रथम की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की। टीम ने कॉलेज के कैशियर एवं स्टोर कीपर रमेश कुमार शर्मा को परिवादी से 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
ट्रैप कार्रवाई के दौरान पूछताछ में कॉलेज के क्वालिटी कंट्रोल लैब इंचार्ज एवं डिप्टी डायरेक्टर योगेश कुमार अपूर्वा और कम्प्यूटर ऑपरेटर/कनिष्ठ सहायक राजकुमार मीणा की भी मामले में कथित संलिप्तता सामने आई। इसके बाद एसीबी ने दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई पुलिस निरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के नेतृत्व में एसीबी जयपुर नगर प्रथम की टीम ने की। एसीबी की एडीजी स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपियों से पूछताछ जारी है।
एसीबी के मुताबिक, मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी। जांच के दौरान रिश्वत मांगने और NOC जारी करने की प्रक्रिया से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
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