नियुक्त किए गए जजों में गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल, दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह शामिल हैं।
राष्ट्रपति की ओर से इन तीनों की सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दिए जाने के बाद केंद्र सरकार ने नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी। इससे पहले 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इन नामों की नियुक्ति की सिफारिश केंद्र सरकार से की थी।
तीनों नए जजों के शपथ लेने के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल संख्या 37 हो जाएगी। वर्तमान में CJI समेत सुप्रीम कोर्ट में 34 जज हैं। तीन नई नियुक्तियों के बाद यह संख्या पहली बार 37 तक पहुंचेगी।
इन नियुक्तियों का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या बढ़ेगी। सुनीता अग्रवाल के शपथ लेने के बाद शीर्ष अदालत में महिला जजों की संख्या 2 से बढ़कर 3 हो जाएगी।
हाल ही में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या को 34 से बढ़ाकर 38 करने का निर्णय लिया था। ऐसे में तीन नई नियुक्तियों के बाद शीर्ष अदालत में स्वीकृत पदों के मुकाबले एक पद रिक्त रहेगा।
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