निरीक्षण के दौरान श्रीमती राजपाल ने परिवादियों से दूरभाष पर संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर लंबित शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए। साथ ही मांग एवं फंड से संबंधित प्रकरणों को अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत करने के निर्देश दिए, ताकि शिकायतों की निगरानी आसान हो और लंबित मामलों में कमी लाई जा सके।
प्रमुख शासन सचिव ने विभिन्न जिलों से प्राप्त कृषि योजनाओं से जुड़ी लंबित शिकायतों की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जोधपुर जिले के सुरेश एवं विजय की तारबंदी योजना के तहत लंबित अनुदान राशि से संबंधित शिकायतों पर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए कहा।
इसी प्रकार टोंक और श्रीगंगानगर जिलों में लंबित फसल बीमा क्लेम, कुचामन-डीडवाना जिले में शेड-नेट हाउस की मरम्मत से संबंधित बीमा क्लेम तथा कोटा जिले में पाइपलाइन और फव्वारा संयंत्र की अनुदान राशि के भुगतान से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई।
इसके अलावा झुंझुनूं जिले में सोलर पंप की मोटर खराब होने और सोलर पंप से संबंधित समस्या, फव्वारा संयंत्र के अनुदान भुगतान तथा करौली जिले में कुट्टी यंत्र पर अनुदान राशि के भुगतान में देरी से जुड़ी शिकायतों पर भी चर्चा की गई। श्रीमती राजपाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार इन मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
श्रीमती मंजू राजपाल ने कहा कि परिवादों का प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के समाधान में आने वाली बाधाओं की पहचान कर उन्हें दूर किया जाए और प्रत्येक प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
उन्होंने कहा कि शिकायतों का समय पर समाधान होने से किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ मिल सकेगा और आमजन का प्रशासनिक व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होगा। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों के साथ आईटी विंग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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