अशोक गहलोत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हालात चिंताजनक हैं। लोगों को पानी की जरूरत पूरी करने के लिए टैंकरों पर 1,000 से 1,500 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। उन्होंने सरकार से पेयजल की तत्काल व्यवस्था करने और अकाल प्रभावित क्षेत्रों में राहत के प्रभावी इंतजाम करने की मांग की।
गहलोत ने पशुधन को बचाने के लिए चारा डिपो खोलने तथा मनरेगा के तहत ग्रामीणों को रोजगार और समय पर मजदूरी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सूखे से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने जैसलमेर से अकाल प्रभावित जिलों के दौरे की शुरुआत की। उन्होंने सीमावर्ती जिले में सूखे के हालात और ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए राहत कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता जताई।
आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर अशोक गहलोत ने कहा कि कांग्रेस अपनी संगठनात्मक तैयारियां मजबूत कर रही है। जिला और ब्लॉक स्तर पर वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी चुनावों में जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। इनमें अकाल, पेयजल संकट और पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता जैसे मुद्दे शामिल रहेंगे।
गहलोत ने पहलगाम और पुलवामा आतंकी हमलों का उल्लेख करते हुए संवेदनशील मामलों में बयान देते समय शब्दों के चयन पर जोर दिया। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से अपने बयान के संदर्भ में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। गहलोत के मुताबिक, मामले पर स्पष्ट जवाब सामने आना चाहिए, ताकि विवाद को लेकर असमंजस न रहे।
अब देखना होगा कि राज्य सरकार अकाल प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, पशु चारे और रोजगार से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाती है।
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