सबसे ज्यादा विवाद बिलाड़ा पंचायत समिति की भावी ग्राम पंचायत में देखने को मिला। यहां बूथ नंबर-12 पर मतदान को लेकर विवाद हो गया, जिसके बाद मतदान रोकना पड़ा। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी जवाहर चौधरी ने बताया कि मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है। ग्रामीणों की ओर से बूथ पर री-पोलिंग कराने की मांग की जा रही है। प्रशासन की ओर से मौके की रिपोर्ट तैयार कर चुनाव आयोग को भेजी जाएगी। इसके बाद आयोग री-पोलिंग को लेकर अंतिम निर्णय करेगा।
मतदान के दौरान भावी और अवमाना में फर्जी वोटिंग की शिकायतें सामने आईं। वहीं भोपालगढ़ और बोरूंदा क्षेत्र में कुछ स्थानों पर पथराव की घटनाएं हुईं। इन मामलों में पुलिस ने केस दर्ज किए हैं। ग्रामीण एसपी पंकज यादव ने बताया कि पूरे जिले में घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। मतदान केंद्रों पर वीडियोग्राफी कराई गई है। किसी भी व्यक्ति की ओर से कानून व्यवस्था बिगाड़ने या गड़बड़ी करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जोधपुर जिले की 17 पंचायत समितियों में सुबह से ही मतदान को लेकर उत्साह देखने को मिला। दोपहर 3 बजे तक जिले में औसतन 68 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। दोपहर 1 बजे तक 51.37 प्रतिशत और सुबह 10 बजे तक 23.54 प्रतिशत मतदान हुआ था।
जिले की 431 ग्राम पंचायतों में कुल 10 लाख 58 हजार 975 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें से दोपहर 1 बजे तक 5 लाख 43 हजार 982 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके थे।
दोपहर 3 बजे तक पंचायत समितिवार मतदान प्रतिशत में सामराऊ सबसे आगे रहा। यहां 74.90 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं बिलाड़ा में सबसे कम 60.47 प्रतिशत मतदान हुआ।
अन्य पंचायत समितियों में ओसियां में 68.91, बावड़ी में 69.20, उम्मेद नगर में 72.58, हटूंडी में 70.73, भोपालगढ़ में 67.74, पीपाड़ शहर में 66.70, सालवा खुर्द में 65.65, मंडोर में 72.90, लूणी में 67.70, धवा में 69.35, कापरड़ा में 71.49, तिंवरी में 70.17, झंवर में 62.47, केरू में 68.40 और आसोप में 65.12 प्रतिशत मतदान हुआ।
तिंवरी पंचायत समिति की डिगाड़ी ग्राम पंचायत में चुनाव के दौरान अनूठा मामला देखने को मिला। यहां सरपंच पद के लिए गीता देवी पत्नी पोकरराम मेघवाल और कौशल्या पत्नी मनोज कुमार मेघवाल ने नामांकन दाखिल किया था। ग्रामीण चाहते थे कि गांव में चुनावी खींचतान के बजाय आपसी सहमति से सरपंच का चयन हो।
इसके लिए गांव के 21 मौजीज लोगों ने दोनों प्रत्याशियों और उनके परिजनों से बातचीत की। शुरुआत में सहमति नहीं बन पाई, लेकिन लगातार समझाइश के बाद कौशल्या के परिजन गीता देवी के समर्थन के लिए राजी हो गए। उन्होंने ग्रामीणों से गीता देवी को वोट देने की अपील की। इसके बाद गांव में सर्वसम्मति से गीता देवी के समर्थन का माहौल बना। मतदान के दिन यहां केवल 94 ग्रामीणों ने वोट डाले। गीता देवी के पति पोकरराम मेघवाल ने ग्रामीणों का आभार जताते हुए कहा कि गांव का भाईचारा और एकता सबसे ऊपर है।
जोधपुर जिले की तिंवरी और केरू पंचायत समितियों की कुछ ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों ने आपसी सहमति से सरपंच चुने। तिंवरी की नई ग्राम पंचायत चौधरी चरणसिंह नगर में पप्पू देवी को सरपंच बनाने पर सहमति बनी। इसके साथ ही मांगीलाल भाखर, कुम्भाराम जाखड़, साग सिंह, मीमो देवी, बाबू राम खोत, नोजी देवी और चम्पा राम वार्ड पंच निर्विरोध चुने गए।
इसी तरह केरू की चावण्डा ग्राम पंचायत में किशन सिंह राजपुरोहित को निर्विरोध सरपंच चुना गया। ग्रामीणों ने इसे गांव की एकजुटता और आपसी भाईचारे का उदाहरण बताया।
पंचायत चुनाव में बुजुर्ग मतदाताओं का उत्साह भी देखने को मिला। बोरावास ग्राम पंचायत के गुजरावास में 99 वर्षीय भंवरलाल प्रजापत मतदान करने पहुंचे। वहीं कापरड़ा पंचायत समिति की रावर ग्राम पंचायत में 100 वर्षीय ककु देवी ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चलने-फिरने में परेशानी होने के बावजूद उनका मतदान केंद्र पहुंचना अन्य मतदाताओं के लिए प्रेरणा बना।
इसके अलावा पहली बार मतदान करने वाले जेन-जी मतदाताओं में भी उत्साह दिखाई दिया। नीतू चौधरी ने परिवार के साथ मतदान केंद्र पहुंचकर पहली बार वोट डाला और अन्य लोगों से भी मतदान करने की अपील की।
जोधपुर के पालड़ी खींचियां ग्राम पंचायत के मतदान केंद्र पर श्री दिगम्बर नागराज पुरी महाराज ने मतदान किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी अपने मताधिकार का उपयोग करने की अपील की। वहीं सामराऊ पंचायत समिति के भेड़ ग्राम पंचायत सहित कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
मतदान समाप्त होने के बाद अब सभी की नजरें मतगणना और चुनाव परिणामों पर टिकी हैं। पुलिस प्रशासन ने मतगणना के दौरान भी शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
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