महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए जिला स्तर अनटाइड फंड से 18 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत सरकारी और निजी विद्यालयों की छात्राओं के लिए ग्राम स्तर से जिला स्तर तक कबड्डी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके लिए 46 टीमों का गठन किया जा चुका है। महिला आंवला उत्पादक किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए सम्मेलन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। राजीविका समूहों के उत्पादों की बिक्री और प्रचार के लिए जयपुर में मोबाइल वैन भी उपलब्ध कराई जाएगी।
‘एक जिला एक उत्पाद’ के तहत आंवला विकास के लिए 209.47 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। दुर्गापुरा स्थित आईएचआईटीसी केंद्र में कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा राजहंस इकाई नाला गार्डन और ढिंढोल, बस्सी केंद्र पर शेडनेट हाउस, वर्मी कम्पोस्ट इकाई और आंवला मदर ब्लॉक विकसित किए जाएंगे।
‘एक जिला एक वनस्पति प्रजाति’ के तहत लिसोड़ा विकास के लिए 38.30 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम, प्रदर्शनियां, क्रेता-विक्रेता बैठकें, जीआई टैगिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और ऑनलाइन मार्केटिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।
वहीं ‘एक जिला एक खेल’ के तहत कबड्डी के लिए 15 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। प्रशिक्षण केंद्रों में खिलाड़ियों के लिए सोना बाथ, आइस बाथ टब, मशीनरी और अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
‘एक जिला एक पर्यटन स्थल’ के तहत आमेर दुर्ग के सौंदर्यीकरण और पर्यटकों की सुविधाओं के विस्तार के लिए पर्यटन विभाग द्वारा कार्य किए जाएंगे। वहीं ‘एक जिला एक उत्पाद’ के तहत रत्नाभूषण उद्योग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने, रोजगार बढ़ाने, कौशल विकास और मार्केटिंग गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
जिला कलक्टर ने कहा कि इन योजनाओं से जयपुर में महिला सशक्तिकरण, कृषि उद्यमिता, खेल अवसंरचना, पर्यटन और स्थानीय उत्पादों के ब्रांड निर्माण को नई गति मिलेगी।
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