जयपुर, 18 अगस्त। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में फर्जी पॉलिसी बनाने और योजना का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ राजस्थान सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। खरीफ 2026 के दौरान टोंक जिले की मालपुरा तहसील और जयपुर जिले की शाहपुरा तहसील में फर्जी फसल बीमा कराए जाने की गोपनीय सूचना की जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद कृषि विभाग ने कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने फर्जीवाड़े में शामिल किसानों, CSC (ई-मित्र) संचालकों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ पुलिस थानों में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने और कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जांच में सामने आया कि फर्जी तरीके से फसल बीमा पॉलिसी तैयार करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे थे। इनमें भूमि रिकॉर्ड में फेरबदल कर फर्जी पॉलिसी बनाना, खातेदार की जानकारी के बिना बटाईदार के रूप में बीमा करवाना और एक ही खसरे पर कई पॉलिसियां जारी करना शामिल है।
इसके अलावा खसरे के वास्तविक क्षेत्रफल से अधिक क्षेत्र पर बीमा करवाने तथा वास्तविक रूप से बोई गई फसल के स्थान पर दूसरी फसल का बीमा कराने के मामले भी सामने आए हैं।
कृषि विभाग के अनुसार इस प्रकार का संगठित फर्जीवाड़ा संबंधित हितधारकों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। विभाग अब पूरे मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रहा है।
कृषि विभाग की जांच के आधार पर टोंक जिले की मालपुरा तहसील के मुकेश सैनी पुत्र फूलचन्द सैनी, सीताराम सैनी पुत्र फूलचन्द सैनी और फूलचन्द पुत्र हजारी लाल सैनी, जबकि जयपुर जिले में दीपक सैनी पुत्र दिनेश सैनी और विनिता सैनी पत्नी सीताराम सैनी सहित संबंधित CSC (ई-मित्र) संचालकों और अन्य लोगों के विरुद्ध FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र किसानों तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने फर्जी पॉलिसी जारी करने में शामिल CSC (ई-मित्र) संचालकों, सहयोगी किसानों, सक्रिय दलालों, बीमा कंपनी के कर्मचारियों और वित्तीय संस्थाओं के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी विभागीय कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग ने सभी CSC (ई-मित्र) संचालकों, किसानों, दलालों, बीमा कर्मचारियों और वित्तीय संस्थाओं को चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने फर्जी तरीके से बनाई गई फसल बीमा पॉलिसियों को तत्काल निरस्त कराने की अपील की है। ऐसा नहीं करने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि ईमानदार किसानों के हितों की रक्षा के लिए फसल बीमा योजना में किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। योजना का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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