टीबी मुक्त राजस्थान के लक्ष्य को लेकर स्क्रीनिंग, जांच और उपचार में तेजी लाने के निर्देश

जयपुर, 20 अगस्त। राजस्थान को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर राज्य सरकार ने अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की पालना में टीबी उन्मूलन के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जाए। इसके लिए स्क्रीनिंग, जांच और उपचार को सघन करने के साथ कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्य सचिव ने शासन सचिवालय में टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने टीबी की समय पर पहचान के लिए एक्स-रे मशीनों का अधिकतम उपयोग करने और न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट (NAAT) की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की कार्यप्रणाली से सीख लेकर अन्य जिलों में भी प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि टीबी उन्मूलन के परिणामों में सुधार हो सके।

परिवार के सदस्यों की स्क्रीनिंग पर जोर

मुख्य सचिव ने टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) और डिफरेंशिएटेड टीबी केयर पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीबी रोगियों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के साथ उनके परिवार के पात्र सदस्यों की भी स्क्रीनिंग की जाए और आवश्यकता होने पर प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने टीबी उन्मूलन अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। इसके लिए माय भारत स्वयंसेवकों को अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने, एनसीसी कैडेट्स की ब्लॉक स्तर तक भागीदारी बढ़ाने तथा एएनएम, आशा सहयोगिनी और सीएचओ सहित जमीनी स्तर के स्वास्थ्यकर्मियों की प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी

प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग गायत्री राठौड़ ने बैठक में अभियान की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों की संख्या में लगातार उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

  • 2022: 29 ग्राम पंचायतें

  • 2023: 586 ग्राम पंचायतें

  • 2024: 3,350 ग्राम पंचायतें

  • 2025: 6,547 ग्राम पंचायतें

इस तरह वर्ष 2022 की तुलना में टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है।

2.38 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग

अभियान के तहत प्रदेश में अब तक 2 करोड़ 38 लाख 43 हजार 583 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। वहीं टीबी रोगियों को 2 लाख 4 हजार 888 पोषण किट वितरित की गई हैं। वर्ष 2026 में एक्स-रे उपयोग लक्ष्य के मुकाबले 83 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।

प्रदेश में टीबी जांच के लिए 643 NAAT लैब, 132 हैंड-हेल्ड एक्स-रे यूनिट और 652 फिक्स्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं। अभियान के दौरान 3 लाख 29 हजार से अधिक NAAT टेस्ट और 35 लाख 87 हजार से अधिक एक्स-रे किए जा चुके हैं।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को टीबी मुक्त राजस्थान के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार कर सभी गतिविधियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में एनएचएम के मिशन निदेशक डॉ. जोगा राम सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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