नामांकन दाखिल करने से लेकर नाम वापसी तक चली प्रक्रिया के बाद अब सभी राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों का पूरा फोकस चुनाव प्रचार पर रहेगा। खास बात यह है कि जिले के अलग-अलग निकायों के कई वार्डों में मुकाबला बेहद रोचक और बहुकोणीय होने वाला है।
जयपुर जिले के 19 नगरीय निकायों में चुनाव लड़ने के लिए कुल 4,868 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। नामांकन पत्रों की जांच यानी संवीक्षा के दौरान 1,382 नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए, जबकि 3,361 नामांकन वैध पाए गए।
इसके बाद नाम वापस लेने की प्रक्रिया में 714 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी वापस ले ली। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कुल 2,644 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में भी चुनावी तस्वीर साफ हो चुकी है। नाम वापसी के बाद नगर निगम के सभी वार्डों में कुल 723 उम्मीदवार मैदान में हैं।
जयपुर नगर निगम में नाम वापस लेने वाले प्रत्याशियों की संख्या सबसे ज्यादा रही। यहां 281 उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस लिया। अब चुनाव चिह्न आवंटन के साथ ही प्रत्याशियों का प्रचार अभियान और तेज होने की उम्मीद है।
जयपुर नगर निगम के कई वार्डों में मुकाबला बेहद दिलचस्प रहने वाला है। 17 वार्ड ऐसे हैं, जहां सिर्फ दो-दो उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इन वार्डों में मुकाबला सीधे दो प्रत्याशियों के बीच होगा।
इनमें वार्ड 41, 42, 45, 49, 52, 53, 60, 83, 90, 91, 94, 122, 123, 129, 131, 142 और 150 शामिल हैं।
इन वार्डों में मुकाबला सीधा होने के कारण दोनों प्रत्याशियों के लिए एक-एक वोट महत्वपूर्ण होगा।
वहीं जयपुर नगर निगम के 35 वार्डों में तीन-तीन उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में इन वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा।
इसके अलावा 25 वार्डों में चार उम्मीदवार और 22 वार्डों में पांच उम्मीदवार आमने-सामने हैं। उम्मीदवारों की संख्या बढ़ने के साथ ही इन वार्डों में चुनावी समीकरण भी ज्यादा पेचीदा हो सकते हैं।
जयपुर नगर निगम में सबसे ज्यादा उम्मीदवार वार्ड नंबर 62 में चुनाव लड़ रहे हैं। यहां कुल 13 प्रत्याशी मैदान में हैं। ऐसे में वार्ड 62 में मुकाबला बहुकोणीय हो गया है।
वहीं नगर निगम के बाकी 51 वार्डों में छह से 13 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है। इससे साफ है कि कई वार्डों में चुनावी मुकाबला केवल दो प्रमुख दलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि निर्दलीय और अन्य प्रत्याशी भी परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं।
नाम वापसी के मामले में जयपुर नगर निगम के बाद शाहपुरा और चाकसू में भी बड़ी संख्या में प्रत्याशियों ने अपनी दावेदारी वापस ली।
शाहपुरा में 78 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिया, जबकि चाकसू में 74 प्रत्याशियों ने चुनावी मैदान से हटने का फैसला किया।
नामांकन, संवीक्षा और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनावी माहौल पूरी तरह प्रचार की ओर बढ़ गया है। उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित होने के बाद प्रत्याशी अपने-अपने वार्ड में मतदाताओं से संपर्क करेंगे।
जयपुर नगर निगम समेत जिले के अन्य नगरीय निकायों में भाजपा, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों के साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं। ऐसे में कई वार्डों में स्थानीय मुद्दे, प्रत्याशी की व्यक्तिगत पकड़ और पार्टी संगठन की सक्रियता चुनाव परिणाम में अहम भूमिका निभा सकती है।
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