PHQ ने कहा कि पुलिस का काम जनसेवा और जनविश्वास पर आधारित है। पुलिस के पास आने वाले कई लोग परेशानी, तनाव या मानसिक आघात की स्थिति में होते हैं। ऐसे समय में पुलिसकर्मियों का सकारात्मक संवाद और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार पीड़ित के अंदर सुरक्षा और विश्वास की भावना पैदा करता है।
एडीजी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि लंबी ड्यूटी, अत्यधिक दबाव या विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पुलिसकर्मियों को खुद पर संयम रखते हुए आमजन से धैर्य, विनम्रता और संवेदनशीलता के साथ पेश आना चाहिए।
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार होने से उसका पुलिस और व्यवस्था के प्रति भरोसा प्रभावित हो सकता है। ऐसे में पुलिसकर्मियों को लोगों की समस्याओं को समझते हुए उनके समाधान का यथासंभव प्रयास करना चाहिए।
PHQ ने इस संवेदनशील व्यवहार को पुलिस विभाग के आंतरिक संबंधों में भी लागू करने पर जोर दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों से अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने को कहा गया है।
पत्र में कहा गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों का व्यवहार अधीनस्थ कर्मचारियों के मनोबल, कार्यक्षमता और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता पर सीधा असर डालता है। सौहार्दपूर्ण व्यवहार से पुलिस विभाग में टीम भावना मजबूत होती है और कर्मचारी दबाव के बावजूद बेहतर तरीके से काम कर पाते हैं।
एडीजी के पत्र में राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग, जयपुर के 12 मई 2026 के आदेश का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही पुलिस मुख्यालय की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों और विशेष रूप से परिपत्र क्रमांक 636, दिनांक 23 जनवरी 2019 का हवाला दिया गया है।
पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों की गंभीरता से पालना सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.