डॉ. दिव्यानी कटारा की ओर से दर्ज रिपोर्ट में किशन डांगी, भरत रामानुज और अविनाश खराड़ी के नाम शामिल हैं। मामले की जांच डिप्टी एसपी गिर्वा छगन राजपुरोहित को सौंपी गई है।
पुलिस के अनुसार, मामला 4 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे का है। शिकायत में डॉ. दिव्यानी ने बताया कि किशन डांगी ने उनके टीम मेंबर को फोन किया था। इस दौरान वह खुद भी कॉन्फ्रेंस कॉल पर जुड़ी हुई थीं।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि फोन पर बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और कपड़े फाड़ने सहित गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। दोनों पक्षों के बीच हुई फोन पर बातचीत का ऑडियो भी सामने आने की बात शिकायत में कही गई है।
डॉ. दिव्यानी ने पूरे घटनाक्रम को अपनी जान-माल के लिए गंभीर खतरा बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इसके बाद विवेक कटारा से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स पर जातिगत गालियां और भद्दी टिप्पणियां की गईं। पुलिस अब पूरे मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस के पदाधिकारियों के बीच भी मामले को लेकर हलचल बढ़ गई है। वहीं विवेक कटारा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनका मकसद केवल यह कहना था कि चुनाव के दौरान कहीं भी जाना हो तो पार्टी के लोगों के साथ जाएं।
उन्होंने बताया कि इसी सिलसिले में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर ब्लॉक अध्यक्ष तक यह जानने की कोशिश की कि आखिर क्या चल रहा है। विवेक कटारा के मुताबिक, उन्होंने इसी सिलसिले में फोन किया था और उनका कहना है कि बातचीत पार्टी के हित में ही की गई थी।
फिलहाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच डिप्टी एसपी गिर्वा छगन राजपुरोहित के नेतृत्व में जारी है।
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